उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 20 फरवरी 2025 को राज्य का ₹8.08 लाख करोड़ का बजट पेश किया। यह बजट पिछली बार की तुलना में 9.8% अधिक है और इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर दिया गया है।

मुख्य घोषणाएँ

1. बुनियादी ढांचा और परिवहन

ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹800 करोड़।
शहरी बाढ़ एवं जल निकासी योजना के लिए ₹1000 करोड़।
राज्य परिवहन निगम को बस बेड़े के विस्तार और डिपो विकास हेतु ₹400 करोड़।
इलेक्ट्रिक बसें खरीदने के लिए ₹100 करोड़ और चार्जिंग स्टेशन हेतु ₹50 करोड़।
चार नए एक्सप्रेसवे (विंध्य-पूर्वांचल लिंक, चित्रकूट लिंक, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे विस्तार) हेतु धनराशि आवंटन।

2. शिक्षा और कौशल विकास

बजट का 13% शिक्षा क्षेत्र के लिए।
सरकारी कर्मचारियों के लिए लैपटॉप और स्मार्टफोन योजना हेतु ₹24 करोड़।
अटल आवासीय स्कूलों की छात्र संख्या 360 से बढ़ाकर 1000 करने की योजना।
विज्ञान पार्क, साइंस सिटी, वेधशाला के लिए ₹50 करोड़।
कन्या छात्राओं को स्कूटी देने की योजना।

3. स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण

बजट का 6% स्वास्थ्य सेवाओं पर।
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड-19 में अनाथ बच्चों के लिए) को ₹252 करोड़।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए अतिरिक्त मानदेय में ₹971 करोड़।
महिला एवं बाल पोषण योजना के लिए ₹100 करोड़।
विधवा पेंशन योजना के तहत ₹2980 करोड़।
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लिए ₹700 करोड़।
अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन के तहत ₹61,000 और समान जाति विवाह के लिए ₹55,000 की सहायता।

4. कृषि और किसान कल्याण

बजट का 11% कृषि और संबद्ध सेवाओं पर।
मुख्यमंत्री किसान दुर्घटना कल्याण योजना के तहत ₹1050 करोड़।
सोलर पंप योजना (PM Kusum Yojana) के लिए ₹509 करोड़।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने हेतु ₹124 करोड़।
बीज पार्क विकास योजना के लिए ₹251 करोड़।

5. महिला सशक्तिकरण और रोजगार

92,919 सरकारी नौकरियाँ सीधी भर्ती से दी जाएंगी।
1.65 करोड़ लोग एमएसएमई सेक्टर में रोजगार प्राप्त करेंगे।
कार्यरत महिलाओं के लिए छात्रावास (वाराणसी, मेरठ, प्रयागराज, गोरखपुर, कानपुर, झांसी, आगरा) हेतु ₹170 करोड़।

6. ग्रामीण विकास और आवास योजना

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 36 लाख घरों के लिए ₹4882 करोड़।
मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) हेतु ₹1200 करोड़।
मनरेगा के तहत 34 करोड़ रोजगार दिवस सृजित करने हेतु ₹5372 करोड़।

7. ऊर्जा और डिजिटल विकास

अयोध्या को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की योजना।
8 नए डेटा सेंटर पार्क विकसित किए जाएंगे।
अमृत 2.0 योजना के तहत शहरी जल आपूर्ति हेतु ₹4100 करोड़।
39 लाख नए जल कनेक्शन दिए जाएंगे।

8. वित्तीय लक्ष्य और राजस्व संग्रहण

आबकारी कर संग्रह लक्ष्य: ₹63,000 करोड़।
स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन राजस्व लक्ष्य: ₹38,150 करोड़।
वाहन कर संग्रह लक्ष्य: ₹14,000 करोड़।

अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएँ

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिटी स्थापित करने की योजना।
साइबर सुरक्षा के लिए "टेक्नोलॉजी रिसर्च एंड ट्रांसलेशन पार्क" का निर्माण।
यूपी विधानसभा का डिजिटल मॉडर्नाइजेशन।
58 नगर निकायों को "स्मार्ट अर्बन सेंटर" में बदलने के लिए ₹145 करोड़।
पहली वानिकी यूनिवर्सिटी के लिए ₹50 करोड़ का आवंटन।
बजट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट पेश करने के बाद कहा,
"यह बजट उत्तर प्रदेश के सतत विकास की रूपरेखा है। हम बुनियादी ढांचे, तकनीकी, शिक्षा और सामाजिक कल्याण पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिससे सभी वर्गों को लाभ मिलेगा।"