CURATED BY – MOHMMAD MUNEER | CITYCHIEFNEWS

प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) भारत सरकार की एक योजना है, इसके ज़रिए, शहरों और गांवों में रहने वाले ग़रीब परिवारों को घर मुहैया कराए जाते हैं. इस योजना के तहत, शहरी और ग्रामीण इलाकों में घर बनाए जाते हैं एमपी के शहडोल जिले में भी पीएम आवास योजना अंतर्गत लाखो घर बनाये गए है लेकिन जिले का वन विभाग दलितों आदिवासियो के पीएम आवास को उजाड़ने की हिमाकत कर रहा है, इसके पीछे का तर्क वनभूमि में आदिवासी दलितों का कब्ज़ा बताया जा रहा है लेकिन पुस्तैनी काबिज इन लोगो को वनाधिकार पट्टा योजना से लाभान्वित क्यों नहीं प्रदान किया गया, और जब प्रधानमंत्री आवास बन रहा था तो वन अमला सो रहा था इस मामले में आदिवासियो से अफसरों ने अपनी सीमाएं लांघते हुए महिलाओ से मारपीट कर दी है केवल उसके पीछे 20 - 20 हजार की रिश्वत ना दिए जाने को लेकर ढहाए जा रहे जुल्म सितम है l पढ़े पूरी खबर .....
शहडोल l एमपी के इस जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (Pradhan Mantri Awas Yojana) के तहत बने घरों पर शहडोल का वन विभाग कहर बरपाने की हिमाकत करने की रणनीति बना रहा है इसके पीछे की कहानी क्या है इस बात की पुष्टि दलितों की शिकायत से होती है, फर्ज करो किसी भी के घर पर अचानक अलसुबह लाव लश्कर लेकर सरकारी अमला घर गिराना है खाली करो वरना जेल में नजर आओगे, दहाड़ता हुआ दिखाई दे, यह किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं यह हकीकत है कार्यालय वन परिक्षेत्र अधिकारी ब्यौहारी के अफसरों की जिन्होंने न सिर्फ तालिबानी हुकरानो की याद को ताज़ा कर दिया है बल्कि यह साबित करना चाहते है कि अब चंद मुठ्ठी भर अफसर आदिवासी बाहुल्य इलाका शहडोल से आदिवासी, दलितों को आबादी खत्म कर के रहेंगे, तभी तो अफसरों को ना महिलाओ की मर्यादा का ख्याल रहा है ना ही देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री का सपना ''हर गरीब के सर पर छत'' की फ़िक्र l  वरना होली पर्व के ठीक दो दिन पूर्व बीते 12 मार्च 2025 की सुबह दलितों आदिवासियो के सपना उजाड़ने बुलडोजर लेकर नहीं पहुंचते l इसकी भनक जिले के तीन विधानसभा से निर्वाचित आदिवासी विधायकों को जाने कैसे नहीं है समझ से परे है l 
दरअसल मामला वन परिक्षेत्र ब्यौहारी का है जहा वन विभाग का अमला पचास वर्षो से अधिक समय से खेती किसानी कर किसी कदर गुजर बसर कर रहे है जिनको हालही में पक्की छत प्रधानमंत्री आवास योजना की बदौलत मिली है, और इस छत को ढहाने वन अमला पुरजोर कोशिश में लगा हुआ है मामला अत्यधिक संवेदनशील है जिसे स्थानीय प्रशासन से लेकर जिले प्रशासन ने नजर अंदाज करते हुए दलितों आदिवासियो के साथ नाइंसाफी कर दी है l 

दलितों की नहीं सुनवाई....
इस मामले में पीड़ितों में दुर्घटिया बाई, सुमित्रा चर्मकार, आशा बाई, ममता, नीता सहित 20 से अधिक की संख्या में बच्चे बुजुर्ग जारी घोर अन्याय की शिकायत लेकर थाना ब्यौहारी की देहलीज में माथा पीटते इन्साफ की गुहार लगाईं लेकिन वन अमले और पुलिस महकमों की सेटिंग इनकी रपट लिखने से पहले गायब सर्वर और नादरत ऑपरेटर आड़े आ गया, लेकिन घंटो इंतज़ार करने के बाद इनके हाथ कुछ ना लगा लेकिन वन विभाग के अफसरों के आते ही पुलिसिया कलम सरपट 5 जी से 10 जी की रफ़्तार में रपट लिखने लगी l इस बार पुलिसिया कलम दलितों आदिवासियो को सरकारी कार्य में बाधा वाला प्रशासनिक ब्रम्हास्त्र चलाकर दलितों आदिवासियो को चारो खाने चित्त करने का षड्यंत्र रचा l 

सितम गरीबो पर, रसूख़दारो पर रहम....
गौरतलब है इस मामले में पुख्ता प्रशासनिक जांच की जाए तो यद्यपि वन परिक्षेत्र में दलितों आदिवासियो का पुस्तैनी कब्ज़ा खेती किसानी दखल था तो पूर्व में हटाया क्यों नहीं गया l अब जब प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला और गरीब को छत नसीब  हो चुकी है तो इसमें सरासर इस वन परिक्षेत्र में निगरानी में भारी चूक है जिसकी जिम्मेदारी वन विभाग को लेनी चाहिए l हम आपको बता दे की यह कार्यालय वन परिक्षेत्र अधिकारी ब्यौहारी के वही अफसर है जिनके नाक के नीचे नहीं ठीक बगल में वनभूमि को ही एक रसूखदार ने कब्ज़ा कर तीन मंजिला इमारत तान दी उसका बाल भी नहीं बाक़ा कर पाए l इधर गरीब बेबस पर प्रशासनिक ताकत दिखा कर कार्यालय वन परिक्षेत्र अधिकारी ब्यौहारी में अफसरों का दोहरी कानून व्यवस्था के तहत कार्यप्रणाली लागू है चरितार्थ कर दिया है l जिसका ज़वाब तो देना पड़ेगा l 
मैं बोलता हूँ तो इल्ज़ाम है बग़ावत का, मैं चुप रहूँ तो बड़ी बेबसी सी होती है l 

इनका कहना है l 
खुटेलाटोला के रहने वाले है हम 80 साल से अधिक रहते हो गया हमको, यहाँ नरेंद्र मोदी जी ने जो 
दुर्गघटिया बाई, प्रधानमंत्री आवास हितग्राही
ग्राम हिडवाह, ब्यौहारी
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मेरा बाप दादा के ज़माने से यहाँ घर है हमारे पास खेती किसानी के अलावा कोई जीविकापार्जन का साधन नहीं है, आज अफसर घर गिराने की बात कर रहे है l हम कहा जायेगे l 
समयलाल, पीड़ित
ग्राम हिडवाह, ब्यौहारी
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हमारा प्रधानमंत्री आवास बना है डिप्टी साहब सुबह सुबह बुलडोजर लेकर गिराने आये, मैंने विरोध किया तो मेरा हाथ मरोड़ा चमारिन हटो यहाँ से नहीं तो जेल भेजा दूंगा l 
पीड़ित महिला
प्रधानमंत्री आवास हितग्राही, हिडवाह, ब्यौहारी
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ब्यौहारी थाने में पुलिस कर्मचारी अधिकारी ने हमको भगा दिया, कहा यहाँ से चले जाओ वरना तुम सबको जेल में डाल देंगे l 
दिनेश साकेत, पीएम आवास हितग्राही 
ग्राम हिडवाह, ब्यौहारी