इंदौर, खजराना गणेश मंदिर के मुख्य पुजारी पुनीत भट्ट की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। उनकी पत्नी डॉ. इंद्रा भट्ट ने मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचकर कलेक्टर से लिखित शिकायत की और पुनीत भट्ट को मंदिर के मुख्य पुजारी पद से हटाने की मांग की। शिकायत में उन्होंने दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा और मंदिर की दान राशि में कथित अनियमितताओं सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

    जनसुनवाई में पहुंचकर की शिकायत

डॉ. इंद्रा भट्ट ने बताया कि उन्होंने पहले भी अपने पति के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया था। इसके अलावा घरेलू हिंसा को लेकर भी पुलिस को आवेदन दिया गया था। अब उन्होंने जनसुनवाई में पहुंचकर प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप करने और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।

    प्रभाव का इस्तेमाल करने का आरोप

शिकायतकर्ता का आरोप है कि करीब छह महीने पहले उन्हें घर से निकाल दिया गया था। इसके बाद अप्रैल 2026 में उन्होंने अपने पति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की। उनका कहना है कि पुनीत भट्ट अपने प्रभाव और संपर्कों का हवाला देकर मामले को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।

डॉ. भट्ट ने आरोप लगाया कि उनके पति यह कहते हैं कि मंदिर के मुख्य पुजारी होने के कारण उनके बड़े सरकारी अधिकारियों से सीधे संबंध हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें लगातार डराया-धमकाया जा रहा है और किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई है।

    दान राशि में अनियमितता के लगाए आरोप

जनसुनवाई के दौरान डॉ. इंद्रा भट्ट ने मंदिर की दान राशि को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि मंदिर में आने वाले दान के पैसे में बड़े स्तर पर कथित हेरफेर की जाती है।

उनका कहना है कि उनके पति अक्सर मंदिर से घर लौटते समय बड़ी मात्रा में नकदी लेकर आते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संबंध में कई बार आपत्ति जताने के बावजूद स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

    मंदिर एक्ट का हवाला देकर निलंबन की मांग

शिकायतकर्ता ने मंदिर एक्ट के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि यदि किसी पुजारी या पदाधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होती है, तो उसे पद से निलंबित किया जा सकता है। इसी आधार पर उन्होंने प्रशासन से पुनीत भट्ट को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने की मांग की है।

    विवाह के बाद शुरू हुआ विवाद

डॉ. इंद्रा भट्ट के अनुसार उनका विवाह मई 2025 में पुनीत भट्ट से हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि विवाह के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग को लेकर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना शुरू कर दी गई थी।

शिकायत के आधार पर महिला थाना इंदौर ने अप्रैल 2026 में पुनीत भट्ट समेत परिवार के अन्य सदस्यों प्रतिमा नागर, नवीन नागर, उदित भट्ट, कुमकुम भट्ट, सुमित भट्ट और विनीत भट्ट के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था। इसके अलावा घरेलू हिंसा से संबंधित एक अन्य मामला भी न्यायालय में लंबित बताया जा रहा है।

    कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

डॉ. इंद्रा भट्ट ने कहा है कि यदि प्रशासन द्वारा मामले में उचित और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, तो वे सामाजिक संगठनों और समर्थकों के साथ मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग करेंगी।

फिलहाल प्रशासन को शिकायत सौंप दी गई है और मामले में आगे की कार्रवाई की प्रतीक्षा की जा रही है।