बिहार में एनडीए सरकार के विश्वास मत के दौरान विधायकों की खरीद-फरोख्त से जुड़े मामले की जांच ईओयू कर रही है। इस मामले को ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) को भी भेजा गया है, ताकि इसमें धन शोधन कानून से जुड़े तमाम प्रावधानों की जांच हो सके। हालांकि ईडी ने अभी इसे अपने पास न दर्ज किया है और न ही कोई तफ्तीश शुरू की है। आने वाले समय में केस का अध्ययन करने के बाद इसे ईडी दर्ज कर सकती है। विधायक खरीद-फरोख्त का मामला पटना के कोतवाली थाने में फरवरी में दर्ज कराया गया था। 

हालकि विधानसभा से जदयू विधायक सुधांशु शेखर की लिखित शिकायत पर इसकी एफआईआर दर्ज की गई थी। कुछ माह पहले इस मामले को ईओयू (आर्थिक अपराध इकाई) ने टेकओवर कर आगे की जांच शुरू कर दी है। 

अब तक की जांच में ईओयू को इसमें बिहार के अलावा दिल्ली, उत्तर प्रदेश, झारखंड के अलावा नेपाल में बैठे कुछ लोगों के माध्यम से सत्तारूढ़ विधायकों को खरीदने के लिए पैसे का इंतजाम किया गया था। इसमें कई स्तर पर पैसे के लेन-देन की बात सामने आई थी। कुछ विधायकों को एडवांस के तौर पर भी पैसे दिये गए थे, जिसके साक्ष्य भी ईओयू को मिले हैं। फिलहाल इससे जुड़े सभी पहलुओं की तफ्तीश जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।