वायनाड चुनाव की घोषणा
चुनाव आयोग करेगा वेट करेंगे लीगल पहलू पर नजर
नई दिल्ली, कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) मानहानि (Rahul Gandhi defamation case) के मामले में सूरत कोर्ट ने 2 साल की सजा सुनाई. इसके बाद शुक्रवार को राहुल की संसद सदस्यता रद्द कर दी गई. वह केरल के वायनाड के लोकसभा सदस्य थे. जानकारी के मुताबिक वायनाड उपचुनाव की घोषणा से पहले चुनाव आयोग लीगल पहलू पर भी नजर रखेगा यानी ऊपरी अदालत में राहुल गांधी की अपील और कोर्ट के फैसले पर नजर रखेगा. दरअसल, चुनाव आयोग नहीं चाहेगा कि एक बार वायनाड उपचुनाव की घोषणा करने के बाद फिर उपचुनाव को रद्द करना पड़े.
हाल ही में लक्षद्वीप के सांसद की सदस्यता हाईकोर्ट से बहाल होने के बाद चुनाव आयोग को लक्षद्वीप उपचुनाव को रद्द करना पड़ा था. दरअसल निचली अदालत से दोषारोपण के बाद लक्षद्वीप के सांसद मोहम्मद फैजल की सदस्यता खत्म कर दी गई थी. इसके बाद चुनाव आयोग ने उपचुनाव की घोषणा कर दी. फिर जब हाइकोर्ट से राहत मिली मोहम्मद फैजल को तो चुनाव आयोग को अपना फैसला वापस लेना पड़ा.
राहुल गांधी के अगले कदम पर नजर
वेट एंड वॉच का मतलब यह नहीं है कि चुनाव आयोग कई हफ्ते वेट करेगा, बल्कि आने वाले कुछ दिनों के लिए वेट एंड वॉच करेगा ताकि राहुल गांधी की आगामी कानूनी प्रक्रिया के नतीजे को देख सके. अगर राहुल गांधी की कानूनी प्रक्रिया में कोई जल्द फैसला नहीं आता तो चुनाव आयोग उपचुनाव की घोषणा करेगा.
जानें क्या है पूरा मामला
बता दें कि 2019 में वायनाड से लोकसभा सदस्य रहने के दौरान राहुल गांधी चुनाव प्रचार के लिए कर्नाटक के कोलार आए थे. इस दौरान उन्होंने एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कथित तौर पर कहा था, ‘क्यों सभी चोरों का सरनेम मोदी होता है?’. इस बयान के बाद काफी सियासत हुई थी. फिर बीजेपी विधायक और गुरजार के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का केस किया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने अपने बयान से पूरे मोदी समाज का अपमान किया है.