उमरिया में चलाया जा रहा जल संवर्धन अभियान
गहिरा नाल में किया गया श्रमदान
CURATED BY – MOHMMAD MUNEER | CITYCHIEFNEWS
उमरिया, जल संवर्धन का मतलब है जल संसाधनों को बचाना और उनका बुद्धिमानी से उपयोग करना। यह हमारे जीवन के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि जल हमारे स्वास्थ्य, सफाई, खाद्य सुरक्षा और वनस्पति के विकास के लिए आवश्यक है। जल के बिना जीवन असंभव है। इसको लेकर प्रदेश स्तर पर चलाई जा रही योजना जल गंगा संवर्धन कार्यक्रम के तहत जल संसाधन संभाग उमरिया के अधिकारियों कर्मचारियों एवं ग्राम पंचायत धौरई जिला उमरिया के सरपंच, सचिव सहित ग्रामीणों द्वारा श्रम सहयोग से गहिरा नाला के पास बसघटी घाट में पानी की धारा को रोककर जल संचय को लेकर बोरी बंधान का किया गया,
गौरतलब होकि ग्रामीणों की कृषि भूमि को सिंचित करने को लेकर हर गर्मी में इंतज़ाम किया जाते है घुनघुटी के ग्राम मोहतराई में बाकयदा श्रमदान किया है l बोरी बंधान कार्य का प्रारंभ किया गया गहिरानाला में स्थित बसघट ग्राम पंचायत दौरे अंतर्गत एक गांव मोहतराई भी है और यही से घुनघुटी से बालबाई रोड निकलती है इस घाट में किया गया जल संचय यहां के निवासियों मवेशियों रोड से आने जाने वाले यात्रियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है मोदी बोरी बंधान कार्य की शुरुआत जल संसाधन संभाग के कार्य पालनयंत्री, अनुविभागीय अधिकारी - एसके जाटव, उपयंत्री साक्षी सिंह, अशोक कुमार अग्निहोत्री, मुन्ना लाल पनिका, राम लाल पनिका, सहित ग्राम पंचायत के सरपंच राजेश सिंह सचिव शैलेंद्र तिवारी सहित ग्राम पंचायत सरपंच, सचिव सहित लोगो ने जल का महत्व ग्रामीणों को समझया है l