CURATED BY – SUSHIL SONI | CITYCHIEFNEWS

अनूपपुर, विकसित भारत के साथ-साथ विकसित मध्यप्रदेश के उद्देश्य से विकसित अनूपपुर @ 2047  विजन डॉक्यूमेन्ट तैयार करने के लिए जिले के सर्वांगीण एवं समावेशी विकास के उद्देश्य से जिला पंचायत सभागार में जिला स्तरीय जन संवाद कार्यक्रम जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती प्रीति रमेश सिंह, उपाध्यक्ष श्रीमती पार्वती बाल्मिकी राठौर, जिला पंचायत सदस्य सुश्री भारती केवट एवं श्रीमती किरण चर्मकार एवं अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित किया गया।
विकसित अनूपपुर के संबंध में जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री के.के. सोनी , मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी श्री टी.आर. आर्मो, महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री विनोद परस्ते, उप संचालक कृषि श्री एन.डी. गुप्ता, जल संसाधन विभाग की सहायक यंत्री श्रीमती सरिता मिश्रा एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री एच.एस. धुर्वे ने विजन डॉक्यूमेन्ट्स @ 2047 के संबंध में विभागीय अवधारणा के संबंध में जानकारी दी। योजना एवं सांख्यिकी विभाग के सांख्यिकी अधिकारी श्री कबीरपंथी द्वारा विजन डॉक्यूमेन्ट्स के संबंध में जानकारी दी गई। उन्होंने जिले के सामान्य भौगोलिक आदि विषयक जानकारी दी।
जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती प्रीति रमेश सिंह ने सर्वांगीण एवं समावेशी विकास की दिशा में विकसित अनूपपुर @ 2047 विजन डॉक्यूमेन्ट्स के तहत ठोस और व्यावहारिक विचारों को शामिल करते हुए विजन रोडमैप तैयार करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जन आकांक्षाओं, विचारों और प्राथमिकताओं को विजन डॉक्यूमेन्ट्स में सम्मिलित किया जाए।
जिला पंचायत की उपाध्यक्ष श्रीमती पार्वती बाल्मिकी राठौर ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, सिंचाई सुविधाओं पर बड़े कार्य कर जिले को समृद्ध बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आजादी के 100 वर्ष जब पूरे हों तो 2047 में मध्यप्रदेश के साथ ही अनूपपुर जिला विकसित और सशक्त रूप से स्थापित हो। उन्होंने कार्यों की मॉनीटरिंग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जिले की विशिष्ट आवश्यकताओं और संभावनाओं की पहचान कर विजन डॉक्यूमेन्ट्स में समाहित किया जाए। 
जिला स्तरीय जन संवाद कार्यक्रम में स्वास्थ्य संरचनाओं को सशक्त बनाने शिक्षा विभाग के अंतर्गत शिक्षा में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार, महिलाओं, युवाओं के सशक्तिकरण, किसानों के समृद्धि तथा जनजागरूकता, आर्थिक विकास और रोजगार के अवसर, नारी सशक्तिकरण, किसान कल्याण, निम्न आय वर्ग के नागरिकों के कल्याण, जनजातीय विकास के लिए प्राथमिकताएं आदि विषयक चर्चा कर सुझाव प्राप्त किए गए।