परासिया/बड़कुही। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत आयुष्मान आरोग्य मंदिर बड़कुही की स्वास्थ्य टीम ने अपनी तत्परता एवं सूझबूझ का परिचय देते हुए एक हाई-रिस्क गर्भवती महिला को समय पर सुरक्षित संस्थागत प्रसव उपलब्ध कराकर मां और नवजात दोनों की जान बचाने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की।

गर्भवती महिला का पहला प्रसव सिजेरियन ऑपरेशन से हुआ था तथा वह एनीमिया से भी पीड़ित थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, सतत काउंसलिंग एवं आयरन सुक्रोज उपचार कराया गया। प्रसव पीड़ा शुरू होने पर परिजन घर पर सामान्य प्रसव कराने के पक्ष में थे, लेकिन स्वास्थ्य टीम ने उन्हें संभावित जोखिमों से अवगत कराया और संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित किया।
स्वास्थ्य टीम की पहल पर 108 एम्बुलेंस के माध्यम से महिला को पहले सिविल अस्पताल परासिया ले जाया गया। वहां चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उसे जिला अस्पताल छिंदवाड़ा रेफर किया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में सुरक्षित सिजेरियन प्रसव कराया गया। वर्तमान में जच्चा एवं नवजात दोनों स्वस्थ हैं।
इस सराहनीय कार्य में बीएमओ डॉ. अंकित सहलाम के मार्गदर्शन में बीपीएम अनुप साहू, बीसीएम राधिका भलावी, बीईई रजनीश साहू, सेक्टर सुपरवाइजर विशाल लाउत्रे, सीएचओ रीनू साहू, एएनएम एलिशा टिमोथी तथा आशा कार्यकर्ता प्राची मेहंगिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्वास्थ्य विभाग ने इसे सुरक्षित मातृत्व अभियान की एक प्रेरणादायक सफलता बताया है