अपराध नियंत्रण और अपराधियों की नकेल कसने के साथ ही अपने विभाग के दोषी कर्मियों पर सख्त कार्रवाई के लिए खास चर्चे में रहने वाले वैशाली के पुलिस कप्तान हर किशोर राय ने मंगलवार को मानवता की सेवा का परिचय दिया।

हाजीपुर-पटना मुख्य मार्ग पर नगर थाना क्षेत्र के जढुआ मोड़ के पास तेज रफ्तार कार की ठोकर से बाइक सवार दंपती एवं दो बच्चे घायल हो गए। ठीक घटना के वक्त ही पटना से लौट रहे एसपी ने तत्काल मौके पर अपनी वाहन को रोक कर अपनी स्कॉर्ट की गाड़ी से सभी घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल हाजीपुर भिजवाया।

वहीं, मौके पर अपनी सुरक्षाकर्मियों की मदद से ठोकर मारने वाले कार को जब्त कराकर चालक को हिरासत में ले लिया। वहीं एसपी ने तत्काल घटना की सूचना नगर थाना की पुलिस को दी। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची नगर थाना की पुलिस ने कार को जब्त कर थाना ले आई है। सभी घायलों का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है।

कैसे घटी घटना

मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार की दोपहर में पटना जिला के फुलवारीशरीफ निवासी रणवीर कुमार अपनी पत्नी रिंकू कुमारी, 04 वर्षीय पुत्री श्रुति कुमारी तथा एक वर्षीय पुत्र विधांशु कुमार के साथ अपने ससुराल जढुआ आ रहे थे। इसी दौरान जैसे ही जढुआ मोड़ के पास पहुंचे ही थे कि हाजीपुर के तरफ से आ रही तेज रफ्तार कार सवार ने बाइक में ठोकर मार दी।

वैशाली के एसपी ने अपनी स्कॉर्ट गाड़ी से घायलों को भेजा अस्पताल

हादसे में दंपती के साथ दोनों बच्चे घायल हो गए। बताया गया है कि घटना के तुरंत बाद ही पटना से लोट रहे वैशाली के एसपी हरकिशोर राय पहुंच गए। एसपी ने तत्काल अपनी स्कॉर्ट की गाड़ी से सभी घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल हाजीपुर भेज दिया।
वहीं मौके से कार को जब्त कर चालक को पुलिस हिरासत में ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही नगर थानाध्यक्ष सुनील कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए तथा कार चालक को हिरासत में लेकर कार को जब्त कर थाना ले आए।
घटना की जानकारी स्वजनों को मिलने के बाद सभी सदर अस्पताल पहुंच गए। घटना के बाद घायल के स्वजन एवं अन्य लोगों ने एसपी के इस कार्य की सराहना की और मानवता का परिचय देने के लिए एसपी की सराहना की।
वहीं इस संबंध में हाजीपुर नगर थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि कार सवार एक व्यक्ति ने बाइक सवार दंपती और दो बच्चों को टक्कर मार दी। इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया। मौके से कार को जब्त कर लिया गया है। वहीं कार चालक को हिरासत में लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
ऐसे पहुंचाएं घायलों को अस्पताल 
तत्काल सहायता प्रदान करें: घायलों को आरामदायक स्थिति में रखें और उनकी चोटों का मूल्यांकन करें।
एम्बुलेंस सेवा को बुलाएं: एम्बुलेंस सेवा को बुलाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

निजी वाहन का उपयोग करें: यदि एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध नहीं है, तो निजी वाहन का उपयोग करके घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा सकता है।
घायलों की देखभाल करें: अस्पताल पहुंचने तक घायलों की देखभाल करना महत्वपूर्ण है।

चिकित्सा सहायता प्रदान करें: अस्पताल में घायलों को चिकित्सा सहायता प्रदान करना आवश्यक है।