CURATED BY – MOHMMAD MUNEER | CITYCHIEFNEWS

शहडोल, जिले सहित ग्रामीण क्षेत्र में ढाबों के साथ अब तो गली-मोहल्लों की किराना दुकानों से भी अवैध शराब बेची जा रही है। ताज़ा उदाहरण सिंहपुर का जहा किराना दुक़ान के पीछे बाकायदा शराब बैठकर पिने का इंतज़ाम भी है ऐसा नहीं कि मामले कि जानकारी किसी अफसर को नहीं लेकिन शराब गली गली बिक्री करवाना सरासर अवैध है इसके समाज में दुष्परिणाम भी सामने आने लगे है हत्या लूट चोरी कि बढ़ रही वारदात के पीछे का एक बड़ा कारण यह भी है,एक स्थान पर दुक़ान बनाकर बेचने वाले वैध शराब ठेकेदार अपने वाहनों में शराब भर भरकर इन गांवों तक इस जुगाड़ से आपूर्ति कर रहे हैं। और जिम्मेदार अमला हाथ पर हाँथ धरे हुए बैठा है, जानकार बताते है जिला आबकारी अफसर ऐसे किसी भी स्थान पर दबिश नहीं दी गए जो परंपरागत रूप से अवैध शराब का धंधा करते है इसमें सबसे अहम् बात यह तमाम लोगो कि हिस्सेदारी का बखूबी ख्याल भी रखते है,  
मात्र एहि कारण है कि आबकारी विभाग के अफसर और पुलिस का इस ओर ध्यान नहीं है। वर्ष 2024-25 के लिए आबकारी विभाग ने लाइसेंसी दुकानों से ही देशी-विदेशी शराब बेचने के लाइसेंस जारी किए हैं, लेकिन इनकी आड़ में शराब का अवैध कारोबार किया जा रहा है। इसको लेकर जल्दी ही आदिवासी संगठन कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल ऐसे लोगो के विरुद्ध कार्यवाही कि जाने कि बात कह रहा है।  
दिनभर की कमाई शराब पर खर्च..........
हम आपको बता दे कि सिंहपुर में खुलेआम बिक रही अवैध शराब के कारण कई लोग इसके आदी हो रहे हैं। विद्यार्थी और युवा भी इसके नशे की चपेट में आ रहे हैं। मजदूर वर्ग दिनभर की कमाई शराब पर खर्च कर रहा है। जबकि अब कम्पोजिट शराब दुकानों से देशी अंग्रेजी शराब भी बेची जा रही है। लेकिन दुक़ान से गली गली दूध और पानीकी सप्लाई कि तरह ऐसा कारोबार किया जाएं कहा तक सही है।
प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान
सिंहपुर रोड कि शराब दुकान से देशी और बख्खारी की देशी शराब दुकान से विदेशी शराब बेची जा रही है। लाइसेंसी दुकानों के अतिरिक्त होटल-ढाबों से भी बेधड़क शराब बेची जा रही है। शहडोल क्षेत्र में गली गली शराब आहाते बनवाये गए है जिसमे एक दुक़ान लाइसेंस के बावजूद शहडोल से लेकर सिंह पुर और सारे तक शराब चार पहिया में परिवहन करते हुए गांव गांव बेची जा रही है।
प्रतिक्रिया
मामले में आबकारी अधिकारी सतीश कश्यप के मोबाइल पर फ़ोन किया गया लेकिन उनका फ़ोन नहीं रिसीव हुआ।  
सतीश कश्यप, आबकारी अधिकारी
जिला शहडोल