CURATED BY – GUARAV SINGHAL | CITYCHIEFNEWS

सहारनपुर, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस सहारनपुर जेल में कैद करीब साढ़े तेरह सौ बंदियों के लिए वरदान बन गया, जहां उन्हे दो दिन अंतर्राष्ट्रीय योग गुरु पद्मश्री स्वामी भारत भूषण के सीधे मार्गदर्शन में मोक्षायतन के  प्रशिक्षकों से योग सीखने का मौका मिला। भाव विभोर बंदियों ने कहा कि हमें जीवन की राह मिली है, कुछ बोले कि जाने-अंजाने अपराध किया था अब उसी शिद्दत से योग करेंगे। यहां जब १३३१ बंदियों से योग गुरु ने झोली फैलाकर उनसे पांच संकल्पों की भिक्षा मांगी तो बड़ा भावुक दृश्य हो गया और उनसे सूर्योदय से पहले जगकर माता-पिता गुरु को प्रणाम, नित्य योगाभ्यास, सात्विक भोजन, स्वाध्याय और हर रोज कुछ पढ़ने के संकल्प की भिक्षा गुरु जी से स्वीकार की। भाव-विभोर बंदियों ने अपराधिक जीवन से मुंह मोड़ने का संकल्प लेते हुए कहा कि उन्हें आज जीवन की राह मिली है।  अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम श्रृंखला में भारतयोग का संदेश लेकर योग और स्वास्थ्य में नित नए प्रयोग का इतिहास रचने वाले योग गुरु पद्मश्री स्वामी भारत भूषण ने आज जिला कारागार पहुंचकर ऐसी अलख जगाई कि बंदियों ने सिर्फ 21 जून का योगदिवस न मनाकर हर दिन को योग  दिन बनाने का संकल्प लिया। स्वामी भारत भूषण ने कहा  ने योग से इंसान भगवान तक को पाने की राह खोज लेता है, लेकिन इससे पहले आदमी से इंसान बनने की लड़ाई उसे खुद ही लड़नी होगी। उन्होंने कहा कि सेहत, दौलत, शौहरत और खूबसूरत जिंदगी की कोई भी चीज ऐसी नहीं जो योग से ना मिलती हो। योग गुरु ने छोटी-मोटी चोरी चकारी न करके बड़ी चोरी करने के भी अनोखे टिप्स दिए और कहा कि चोर नहीं कृष्ण की तरह चित-चोर बन जाओ और भक्ति और ध्यान की शक्ति से सब कुछ पा लो, वो भी हमेशा के लिए। 
उन्होंने बंदी जीवन की शर्मिंदगी में डूबने के बजाय बंदगी जुड़ने और बंदा बनने का अवसर के रूप में देखने का आवाहन किया। योग गुरु ने कहा कि मथुरा में कंस की जेल, यरवदा की जेल, अफ्रीका के रोबिन आइलैंड की सेलुलर जेल और अंडमान की कालापानी जेल ने योगेश्वर कृष्ण, गांधी, सावरकर और मंडेला जैसे योगी और देशप्रेमी दिए हैं। स्वामी भारत भूषण ने योग को रूहानियत में जीने और पूरी दुनिया को करीब लाने का सबसे बड़ा जरिया बताया और कहा कि भारतयोग का ये जरिया जीने का ऐसा नया नजरिया देने की ताकत रखता है जो हर प्रॉब्लम का सॉल्यूशन दे देता है। इस कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि संस्थान के भारत योग की प्रशिक्षण टीम के एन के शर्मा, यश राणा और केशव वर्मा के  अलावा महिला शिक्षकों भारत योगी सीमा गुप्ता और भारत योगी आस्था वर्मा ने कारागार में निरुद्ध महिला बंदियों के लिए अलग से योगसत्र संचालित करके उन्हें योग की रोशनी में जीने की राह सुझाई। कारागार अधीक्षक अमिता दुबे ने इसे बंदियों की सोच में बदलाव लाने वाला कारगर प्रयोग बताया।