यातायात पुलिस की वसूली सुर्खियों में
चेकिंग के नाम पर मांग रहे खर्चा पानी
CURATED BY – UMESH KUSHWAHA | CITYCHIEFNEWS
सतना, जिले में विगत कुछ वर्ष पूर्व चेकिंग के नाम पर एक फर्जीवाड़ा सामने आया था जिसमें यातायात विभाग के कुछ कर्मचारी निलंबित भी हुए थे। लेकिन इसके बाद भी मातहत कर्मचारी वसूली से वाज नहीं आ रहे हैं। अवैध वसूली का सुरूर इस तरह सिर चढ़कर नाच रहा है की जो भी मिले वही बहुत है मंगलवार को सतना नदी के पास यातायात के वसूली वाजों ने फोर व्हीलर की चेकिंग लगाए हुए थे जिसमे 200 रुपए से अवैध वसूली चालू हुई थी चालान कितने कटे कितने नही कटे ये तो चालान बुक ही बता सकती है लेकिन वसूली वाजों ने अपनी जेब भरने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे है एक हार्वेस्टर वाले से
200 रुपए अवैध तरीके से लिए वहीं मैजिक गाड़ी वाले से 2000 हजार की मांग थी लेकिन 500 रुपए में मामला रफा दफा कर दिए और रसीद भी नहीं दिए आखिर कब तक ये यातायात की अवैध वसूली करने वाले आम जनता का खून चूसते रहेगें क्या इन पर कभी बड़ी कुर्सी वाले, जिले के बड़े अधिकारी, कार्यवाही भी करेगें या फिर ऐसा तमाशा ही चलता है रहेगा आम जनता
का कहना है की वसूली बाज इंसान देखकर चालानी कार्यवाही करते है आखिर इतना दुराभाव क्यो किया जा रहा है यातायात के ये वसूली बाज सुबह 10 या 11 बजे निकलते है इनका एक ही ध्येय है और चिंता रहती है की आज अपने अपने हिस्से में कितना पैसा आएगा और कितने लोगों का खून चूसना है। आखिर कब इस अवैध वसूली के खिलाफ नेताओ की
आवाज सुनाई देगी या फिर ऐसे ही आम जनता को लुटवाने में इन वसूली वाजों को अनदेखा करते रहेगें। आम जनता इस समय यातायात के वसूली वाजों से त्रस्त हो चुकी है और इधर उधर से भाग रही है अगर किसी दिन कोई हादसा हो जाता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा, यातायात थाने के वसूली बाज या जिले के अधिकारी?
वसूली का मुख्य मास्टर मांइड है उग्रेस सिंह
उग्रेस सिंह यातायात थाने में विगत कई वर्षों से पदस्थ है। जिनके वसूली की चर्चा कई बार सोसल मीडिया में भी सामने आ चुकी है। सूत्रों की मानें तो सतना नदी के पास चेकिंग के नाम पर लगातार वसूली चल रही है। जिसमें प्रमुख भूमिका उग्रेस सिंह की बताई जा रही है। इतना ही नहीं उग्रेस सिंह के द्वारा पूरे शहर में वसूली किये जाने की जानकारी सामने आ रही है। ऐसे वसूलीवाज कर्मचारियों को यातायात से हटाये जाने की जरूरत है। ऐसे वसूलीवाज कर्मचारी कहीं न कहीं पुलिस अधीक्षक की छबि को
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