जम्मू-कश्मीर में मूसलाधार बारिश का कहर
बाढ़, भूस्खलन और तबाही के बीच राहत-बचाव अभियान तेज
जम्मू-कश्मीर इन दिनों मानसून की सबसे भीषण मार झेल रहा है लगातार हो रही भारी वर्षा ने विशेष रूप से पुंछ, राजौरी, रियासी और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है कई स्थानों पर अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड), भूस्खलन और पहाड़ों से मलबा आने के कारण सड़क संपर्क टूट गया है जबकि कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालयों से कट गया है ताजा जानकारी के अनुसार अब तक कम से कम 11 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग लापता बताए जा रहे हैं प्रशासन द्वारा लापता लोगों की तलाश लगातार जारी है।
लगातार हो रही बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर हैं निचले इलाकों में पानी भर गया है तथा अनेक मकानों, पुलों और सड़कों को नुकसान पहुंचा है कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय और स्थानीय मार्ग बाधित हुए हैं प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने जम्मू-कश्मीर में अगले कुछ दिनों तक भीषण वर्षा का अलर्ट जारी किया है मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय मानसून के कारण तेज बारिश गरज-चमक तेज हवाएं और पर्वतीय क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड तथा भूस्खलन की आशंका बनी हुई है यही कारण है कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।
बारिश की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से अमरनाथ यात्रा और माता वैष्णो देवी यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है तथा मौसम सामान्य होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठक कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की है मुख्यमंत्री ने भी अपना निर्धारित कार्यक्रम बीच में छोड़कर प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं सभी जिला प्रशासनों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने तथा किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। केंद्र सरकार भी पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से बातचीत कर हालात की जानकारी ली तथा केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया है आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त राहत एवं बचाव दल भेजने की भी तैयारी रखी गई है।
आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल एनडीआरएफ राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल एसडीआरएफ पुलिस सेना और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं बाढ़ प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है राहत शिविर स्थापित किए गए हैं तथा भोजन, पेयजल, दवाइयों और आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की जा रही है जिन क्षेत्रों में सड़क संपर्क टूट गया है वहां वैकल्पिक मार्गों और आपात संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 से 72 घंटों तक जम्मू-कश्मीर में मौसम चुनौतीपूर्ण बना रह सकता है कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है जिससे फ्लैश फ्लड, भूस्खलन, चट्टानें गिरने और नदियों के जलस्तर में वृद्धि का खतरा बना रहेगा प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने मौसम संबंधी आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने और केवल आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है। फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में पूरे जम्मू-कश्मीर के लिए कोई एकीकृत रिकॉर्ड वर्षा का अंतिम आंकड़ा जारी नहीं किया गया है विभिन्न जिलों में अत्यधिक वर्षा दर्ज होने के कारण ही फ्लैश फ्लड और भूस्खलन जैसी गंभीर परिस्थितियां उत्पन्न हुई हैं विस्तृत जिला-वार वर्षा के आधिकारिक आंकड़े मौसम विभाग द्वारा अलग से जारी किए जाने की संभावना है।
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