मेडिकल कॉलेज के समीप बीती रात्रि बाघ की चहल कदमी
सर्चिंग करने पहुंची टीम, नही मिले पगमार्क मार इधर झीरसागर मार्ग में दिखा बाघ
CURATED BY – MOHMMAD MUNEER | CITYCHIEFNEWS
शहडोल, बाघ होने की मौजूदगी की सूचना पर रात भर वन विभाग की टीम सर्चिंग करती रही लेकिन बाघ के होने की पुष्टि नहीं हो पाई है। मेडिकल कॉलेज हाईवे के समीप बीती रात्रि कुछ लोगों ने बाघ की दहाड़ सुनकर मामले की खबर वन विभाग को दी थी, जिसके बाद वन विभाग की एक टीम मौके पर पहुंची और रात भर सर्चिंग करती रही,लेकिन बाघ के पघमार मौके पर नहीं मिले। जिससे यह स्पष्ट हो गया कि बाघ की मौजूदगी वहां है ही नहीं। वन विभाग ने कहा कि किसी और जानवर की आवाज सुनकर लोगों ने हमे बाघ के होने की खबर दी थी। अधिकारियो ने कहा की सूचना के बाद हमने टीम मौके पर भेजी लेकिन वहां कोई भी बाघ के पघमार नही मिले।
पास में ही मेडिकल कॉलेज है, जहां रात में लोगों का आना-जाना बना रहता है, स्टाफ के साथ-साथ मरीजों के परिजन व मरीज भी इस मार्ग से आना-जाना करते हैं। जिसकी वजह से वन विभाग ने बाघ की मौजूदगी की सूचना पर त्वरित कार्यवाही कर टीम को मौके पर भेज कर सर्चिंग करवाई थी।
बीते कुछ दिनों पहले मुख्यालय से सटे गांव पचगांव में जंगल लकड़ी बिनने गए एक शख्स को बाघ ने अपना शिकार बनाया था,जिससे युवक की मौके पर मौत हो गई। उसके बाद सिंहपुर में वही बाघ ने एक मवेशी पर हमला किया, जिससे शहर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बाघ की दहशत फैल गई। अब हर दिन वन विभाग अलग-अलग स्थान पर सर्चिंग कर लोगों को जागरूक करता दिखाई दे रहा है, वन विभाग की चार टीम लगातार सर्चिंग ऑपरेशन कर रही है। जहां भी वन विभाग के अधिकारियों को बाघ के होने की खबर लग रही है ,वहां वन विभाग की एक टीम मौके पर पहुंच सर्चिंग ऑपरेशन कर आसपास के लोगों को जागरुक कर जंगल की ओर न जाने की सलाह दे रही है।
तीन दिन पहले एक बाघ झीरसागर जानें वाले मार्ग में देखा गया था, बिजौरी के रहने वाले पुनीत यादव बताते है की वह अपनी पत्नी को लेकर स्कूटी में गांव जा रहे थे ,तभी रास्ते में ही उन्हें बाघ का सामना हो गया, जिससे वह काफी भयभीत हो गए और वापस शहडोल आ गए। वन विभाग ने झीर सागर मार्ग में बाघ के होने की पुष्टि भी की है। ठंड शुरू होते ही कई टाइगर आसपास के क्षेत्र में विचरण कर रहे हैं,वन विभाग की कई टीमें लगातार बाघ की निगरानी बनाए हुए हैं। और लोगों को जागरुक कर रही है कि लोग जंगल की ओर अकेले ना जाएं।
इनका कहना है
मेडिकल कॉलेज के समीप बीती रात बाघ के होने की जानकारी कुछ लोगों ने हमें दी थी, टीम भेज कर सर्चिंग करवाई गई है। लेकिन वहां बाघ के पघमार नहीं मिले हैं। जिससे यह स्पष्ट है कि वहां कोई भी टाइगर मौजूद नहीं है। रही बात झीरसागर मार्ग की तो वहा टाइगर देखा गया है। हमारी टीम निगरानी बनाए हुए है। लोगों को जंगल की ओर न जाने की सलाह दी गई है।
बादशाह रावत, एसडीओ
वनमंडल शहडोल