राजेन गोहैन के इस्तीफे से जुड़े अंतर्निहित विचार: बीजेपी के नेता की नगांव लोकसभा सीट से वापसी पर संदेह
नगांव लोकसभा सीट: राजेन गोहैन का आरोप और पार्टी आपूर्ति के चुनौतियों का मुद्दा
बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेन गोहैन ने नगांव लोकसभा क्षेत्र के परिसीमन के खिलाफ शुक्रवार (18 अगस्त) को असम खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने दावा किया कि भविष्य में पार्टी के लिए उस सीट से जीत पाना असंभव होगा.
चार बार नगांव लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके गोहैन ने दावा किया कि उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से इस परिसीमन के बारे में बातचीत की थी, लेकिन उसका कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला. उन्होंने बातचीत में किसी का नाम लिये बगैर कहा कि पार्टी की प्रदेश इकाई में किसी को भी असीमित अधिकार नहीं दिए जाने चाहिए.
लेटर में क्या लिखा?
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा को भेजे लेटर में गोहैन ने कहा कि हाल की परिसीमन प्रक्रिया ने नगांव लोकसभा क्षेत्र को भविष्य में बीजेपी के लिए जीत के लायक नहीं छोड़ा है. इस निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को भी जनसांख्यिकी बदलाव के कारण खतरे में डाल दिया है.’’
उन्होंने आगे पत्र में कहा, ‘‘आपके साथ कई दौर की बातचीत करने के बाद भी मैं चिंतित हूं कि नगांव लोकसभा क्षेत्र के गठन के तौर तरीके को लेकर मेरी चिंता और गहरे असंतोष के बाद भी कोई भी बदलाव नहीं हुआ. ’’
राजेन गोहैन ने क्या दावा किया?
गोहैन ने दावा किया कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी अपनी चिंता से अवगत कराया था. उन्होंने उनसे लिखित में सिफारिश देने को कहा था.
उन्होंने लेटर में लिखा कहा ,‘‘अगले ही दिन मैंने ऐसा किया लेकिन दुर्भाग्य से कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला. मैं ठगा और अपमानित महसूस करता हूं कि मुझे जैसे वरिष्ठ सदस्य को पार्टी के फायदे से जुड़ी वास्तविक चिंता पर उनकी अपनी ही पार्टी के नेताओं ने नहीं सुना.’’
मामला क्या है?
चुनाव आयोग ने 11 अगस्त को राज्य में विधानसभा और संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन पर अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रकाशित की थी. जिसमें विधानसभा की कुल सीट 126 और लोकसभा की 14 सीट पहले की तरह बिना बदलाव की रखी गई, लेकिन इसमें 19 विधानसभा क्षेत्रों और एक संसदीय क्षेत्र के नाम को भी संशोधित किया गया.
असम में 19 विधानसभा और दो लोकसभा क्षेत्र अनुसूचित जनजाति (ST) जबकि एक लोकसभा क्षेत्र और नौ विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित किए गए हैं. राज्य के परिसीमन पर इलेक्शन कमीशन आदेश बुधवार (16 अगस्त) से प्रभावी हो गया.
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