CURATED BY – Mohmmad Muneer | CITYCHIEFNEWS

शहडोल, शहडोल की कानून व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है जिसको लेकर हाका गैंग की तर्ज पर 10 बजे लोगो को वापस घरो में कैद होने के लिए मजबूर करता है, क्यूकि अपराधी बेलगाम हो चुके है, शहडोल में पुलिसिया खौफ समाप्त सा हो गया, आम नागरिको जो दिन भर भीषण गर्मी के चलते घरो में ऑफिस से बाहर नहीं निकलते और जिला प्रशासन भी धूप से बचने की अपील कर रहा है l अब जब शाम को तापमान काम होता है, तब लोग घरो से बाहर निकलते है खरीददारी करते व्यापारी भी दुकान सजाये इंतज़ार ग्राहकों का इंतज़ार करते है लेकिन बदमाशों अपराधियों का खौफ इतना की बेबस पुलिस नागरिको पर सख्ती किये जा रहा है वही चोर, डकैत, माफिया, किसी भी वारदात को अंजाम देने से नहीं बाज़ आरहे है क्योंकि पुलिस ही अपराधियों को प्रोटेक्ट कर रही है l अगर एसआईटी जिले के चंद पुलिस कर्मियों के सीडीआर खंगाल ले तो चोर डकैत का सिंडिकेट बेपर्दा हो सकता है l

केस नंबर 01
शिकायत फिर हो गई चोरी ....
मामला जिले के ब्योहारी थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 2 महात्मा गांधी नगर मे सराफा व्यवसायी  विवेक सोनी पिता शिव नरेश सोनी के सुने घर मे बीते 13 मई को सुबह 9 बजे से रात्रि 8 बजे के बीच अज्ञात चोरो ने धावा बोलते हुए साढ़े 5 लाख रुपए नकद व जेवरात समेत कुल साढ़े 18 लाख रुपए का सामान पार कर दिया। घटना के बाद अगले पीड़ित द्वारा इस लाखों की चोरी की शिकायत थाने मे दर्ज कराई गई l

चोरी सामान 18 लाख लिखा 26 हज़ार....
लेकिन यह जानकर ताज्जुब होगा की साढ़े 18 लाख की चोरी की शिकायत पर थाने मे सिर्फ 26 हजार की रिपोर्ट दर्ज कर फरियादी को घर भेज दिया गया। जबकि फरियादी द्वारा चोरी गए साढ़े 5 लाख रुपए नकद के आलावा सभी जेवरातो की लिस्ट पुलिस को सौंपी गई थी। साथ ही यह बताया गया था कि जिस बैग मे यह जेवरात रखें थे उसमे इनका बिल भी था, जो चोर ले गए है। लेकिन वह इन चोरी गए जेवरातो के बिल की दूसरी कॉपी दें सकता है। इसके बावजूद लाखों की चोरी को हजारों मे बदलकर पुलिस ने अपनी साख बचाने का प्रयास किया। जिसके निराश होकर पीड़ित विवेक सोनी पिता शिव नरेश सोनी निवासी गांधी नगर ब्योहारी अपने पुत्री के साथ सोमवार को पुलिस अधीक्षक के पास अपनी फ़रियाद सुनाने पहुंचा। जहाँ उसने सारा घटना क्रम बताते हुए उसके घर मे हुए लाखों की चोरी की सही रिपोर्ट दर्ज किए जाने की मांग की गई।

केस नंबर 2
अभी लिखाई रपट फिर हो गई चोरी.....
ज़ब फरियादी अपनी फ़रियाद सुनाकर वापस घर लौट रहा था, इस बीच घर पहुँचने से पहले  शाम लगभग साढ़े 7 बजे उसके दूसरे पुत्र ने फोन करके बताया कि घर के बाहर खड़ी उसकी मोटर शायकिल पल्सर क्रमांक एमपी 17 एम आर 1317 को भी किसी चोर ने पार कर दी है। इस घटना को सुनकर पीड़ित को एक और झटका लगा। अब अंदाज़ा लगाइये घर मे लाखों की चोरी करने के बाद उसी घर के सामने से मोटर सायकिल भी पार कर दी गई।

केस नंबर 3
चोर ने पड़ोस में भी लगाई सेंध....
इसके बाद चोरो ने पड़ोस को निशाना बनाया अपनी दिलेरी दिखाते हुए पीड़ित श्री सोनी के घर के बगल मे रहने वाले एडवोकेट राजेंद्र वैश्य के घर का ताला तोड़कर चोरी की तीसरी वारदात को अंजाम दिया। चोरो ने वहाँ से एक नग मोबाइल समेत हजारो का सामान पार कर दिया। घटना के समय श्री वैश्य के परिवार के लोग अपने गाँव गए हुए थे। इस प्रकार एक ही मोहल्ले मे सात दिवस के भीतर तीन बार चोरी की वारदात को चोर बेखौफ़ होकर अंजाम देते रहे पुलिस को भनक तक नही लगी। अगर पहली घटना के बाद ही पुलिस सक्रिय हो जाती तो शायद दूसरी और तीसरी चोरी की वारदात शायद नही होती।

केस नंबर 4
जब मुख्यालय में ही है आतंक....
ताज़ा तरीन खबरों के मुताबिक हाल ही में रीवा से महिला पर अत्याचार का एक वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कुछ दबंग मिलकर एक महिला को बुरी तरह से जमीन पर पटक कर उसकी पिटाई कर दी। वहीं खड़े लोग तमाशा देख रहे हैं। इसी तरह शहडोल में भी अभिषेक मिश्रा नामक व्यक्ति द्वारा बीते 2023 जून से अवैध कालोनी विकसित कर पैसे हड़पने और पट्टे की भूमि में मैरिज गार्डन बनाने को लेकर की गयी शिकायत में भी आये दिन दबंग भूमाफिया द्वारा महिला फरयादी गीता सिंह, राधा सिंह इत्यादि को प्रताड़ित किये जाने की खबर है खबर यह भी है की अवैध कालोनी विकसित करने, भूमि बिक्री करने, अवैध मैरिज गार्डन निर्मित किये जाने को लेकर नगरीय प्रशासन, राजस्व अमला. पुलिस प्रशासन मामले में महिला फरयादी को कोई तरजीह नहीं दे रही है बल्कि भूमाफिया को उल्टा प्रोटेक्ट करने का काम कर रही है जिससे शहडोल में पुलिस कप्तान कुमार प्रतीक के दिशा निर्देशन में संचालित पुलिस की कार्यशैली एवं निष्पक्ष पर सवाल खड़े हो रहे है आखिर पुलिस भूमाफिया की तर्ज में अवैध कालोनी विकसित कर रहा है लोगो से रजिस्टर्ड एग्रीमेंट करते हुए पैसे ले लेता है, और जमीन पैसा फस जाने वापस न मिलने पर पीड़ित महिला शिकायतकर्ता थाना कोतवाली की शरण में मदद मांगने पहुँचती है जहा आरोपी के विरुद्ध छल, कूटरचना, धोखाधड़ी व्यापार में ठगी इत्यादि प्रदर्शित शिकायत को कोतवाली पुलिस दबा जाती है और एफआईआर की जगह समझौता करा देती है वो भी शील सिक्का मोहर लगते हुए l
आज आरोपी ने एक तरफ फरयादी की जीवन भर की कमाई पूंजी, परिचितों एवं रिश्तेदारों से उधार लिए पैसे देने से इंकार कर दिया, कारण पुलिस ने 21 जून 2023 में लिखित में समझौता कराया उधर आरोपी ने कोर्ट कचहरी तक पुलिस का कराया समझौता को ब्लैक मेल कर पैसे वसूलने की बात कह रहा है इसके पीछे की एक मात्र वजह है की पुलिस कप्तान की आँखों में कोतवाली में धुल झोकने का प्रयाश पदस्थ पुलिसकर्मियो ने किया, जो दशकों से शहडोल और आसपास जमे हुए है जिनकी रहनुमाई में आरोपी पर एफआईआर होने से बचाने के लिया कोतवाली में बैठ कर स्वांग रचा गया l

 

कल्याणपुर डकैती नहीं मिला सुराग...
नकाबपोश बदमाशों ने एक मकान में डकैती ड़ाली। जहां घर के लोगों के साथ मारपीट कर उन्हें बंधक बनाने के बाद लाखों रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात लूटकर फरार हो गए। बदमाशों की यह हरकत घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। रात में ही पीड़ित परिवार द्वारा इसकी शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई। घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में उनके फुटेज भी सामने आए हैं, जिसमें आठ बदमाश चेहरे पर गमछा बांधे हुए और नंगे पैर नेकर पहने हुए आते नजर आ रहे हैं। शिकायत कर्ता रितेश और उसकी मां ने बताया, रात में उन्होंने गेट तोड़कर घर में प्रवेश किया और घर के अंदर खिड़की के पास सो रहे रितेश के चेहरे पर पहले स्प्रे डालकर उसे बेहोश कर दिया। उसके बाद चोरो की हिमाकत तो देखोये घर में मौजूद रितेश की मां पूनम के साथ मारपीट की। उसके शरीर के कई हिस्सों में चोट आई और उसे वहीं बांध दिया। इसके बाद घर की आलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात और नकदी लेकर भाग गए, चोरो ने लगभग पांच लाख रुपये की बंधक बनाकर डकैती की है। जिसका कोई सुराग पुलिस के हाँथ नहीं लग प् रहा है l

पांडवनगर में भी हुई चोरी
बीते माह एक फ़ूड कार्पोरेशन के एमडी और कान्वेंट स्कूल की शिक्षिका रेनू श्रीवास्तव के घर में हुई चोरी का भी कोई खुलाशा नहीं हो पाया है, चारो तरफ सीसीटीवी कैमरे से लैस बिल्डिंग में चोरो की दिलेरी की जितनी तारीफ की जाये कम होगी l जो सबसे सुरक्षित कॉलोनी में सेंधमारी हो रही है जिम्मेदार सो रहे है, जिस कॉलोनी में जिले का अफसर जज, पुलिस तहसीदार, डॉक्टर, एसडीएम सहित बड़े अधिकारी रहते है वह का हाल जब यह है तो दो सुदूर की नागरिको की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है l

पत्रकार पर हुआ जानलेवा हमला.....
इस साल की शुरुवात अपराधियों ने चौथे स्तम्भ पर हमले करते हुई शुरुआत हुई जिसमे जिले के वरिष्ठ पत्रकार पर 15 - 16 हथियारबंद लोगो ने जान लेवा हमला किया गया, जब सीसीटीवी फुटेज सामने आये तो हमलावर का खुलासा हुआ, लेकिन कोतवाली पुलिस ने एक बार फिर नामक का हक़ अदा किया और नामजद आरोपियों भी सूचीबद्ध करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए l फिर तो हमें मानना ही पड़ेगा की देश भक्ति जनसेवा के मायने शहडोल पुलिस ने बदल दिए है, सुधि जानो ने शहडोल के जिम्मेदार अफसर से शहर कि बिगड़ती बेपटरी कानून व्यवस्था सुधारने की मांग की है अन्यथा जिले के सामजिक संगठनों को सड़को में उतरना मजबूरी होगी l आखिर कब तक बदमाशों चोरो और माफियाओ का खौफ बरददास्त करना पड़ेगा l

शहडोल में प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से फेल हो चूका है, दहशत गर्दी का आलम है पुलिस कप्तान को नागरिको की सुरक्षा को इतनी लापरवाह कभी नहीं हुई एहि कारण है जिले में दो -दो शासकीय सेवक अपनी जान गवा चुके है। अब यह माफिया पत्रकारों को निशाना बना रहे है कल इसकी जद में जिले के अफसर भी आयगे।
छत्रपाल सिंह, जिला अध्यक्ष, युवा मोर्चा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी शहडोल

मामले में ताजुब है 2 जनवरी की घटना हुई अब पांचवा माह बीत जायेगा, लेकिन शहडोल पुलिस क्या कर रही है और क्या करना चाहती है प्रदेश के जिम्मेदार अफसर को समझना होगा, निचले स्तर पर माफिया पत्रकारों से खून की होली खेलना चाहते है माफिया। और इधर पुलिस कार्यवाही करने की जगह दे रही है छूट।
राजेंद्र सिंह जालौद, प्रदेश अध्यक्ष, खोजी पत्रकार यूनियन मध्यप्रदेश

प्रशासनिक प्रतिक्रिया
मामले में एसपी साहब को सीयूजी नंबर पर फ़ोन लगाया गया उनका फ़ोन रिसीव नहीं हुआ, शायद उनके पास हमारे सवालों का जवाब नहीं है, वरना मीडिया से परहेज के क्या मायने l
कुमार प्रतीक, पुलिस अधीक्षक, शहडोल

मामले में एडीजीपी दिनेश चंद्र सागर से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने भी फ़ोन रिसीव नहीं किया l
दिनेश चंद्र सागर, एडीजीपी, शहडोल जोन