पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (West Bengal Assembly Elections 2026) के पहले फेज के लिए गुरुवार (23 अप्रैल) को 152 सीटों पर वोटिंग होने जा रही है. एक तरफ ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है. दूसरी ओर BJP ममता बनर्जी की सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए पूरा जोर लगा रही है. राज्य में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद वोटर्स की संख्या में करीब 91 लाख की कमी आई है. हैरानी वाली बात ये है कि उन सीटों पर ज्यादातर वोटर्स के नाम काटे गए हैं, जहां TMC का वोट बैंक है. जाहिर तौर पर चुनाव में SIR का असर दिखेगा.

बंगाल की ऐसे 6 सीटें हैं, जहां मुस्लिम वोट शेयर सबसे ज्यादा है. यही 6 सीटें ममता बनर्जी का कोर वोटर्स भी है. इन सीटों को बंगाल का चिकन नेक कहा जाता है. अगर BJP ने इन सीटों पर अपना शिकंजा कस लिया, तो बंगाल में एक नए युग की शुरुआत होनी तय है. आइए जानते हैं ये मुस्लिम बहुल सीटें कौन-कौन सी हैं? TMC यहां कैसे मजबूत है? इन सीटों को लेकर BJP की क्या तैयारी है?

चिकन नक का जिक्र क्यों?

दरअसल, उत्तर बंगाल के 8 जिले उस इलाके में पड़ते हैं, जिसे हम सिलिगुड़ी कॉरिडोर या चिकन नेक के नाम से जानते हैं. 40 किमी लंबा सिलिगुड़ी कॉरिडोर पूर्वोत्तर के सातों राज्यों को भारत के बाकी हिस्से से जोड़ता है. ये 7 राज्य हैं- असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा. इन्हें सेवेन सिस्टर्स सिलिगुड़ी कॉरिडोर के एक तरफ नेपाल, दूसरी तरफ बांग्लादेश और करीब 200 किलोमीटर दूर चीन पड़ता है.

बंगाल में TMC का चिकन नेक

पश्चिम बंगाल के 23 जिलों में 6 मुस्लिम बहुल जिले हैं, जिन्हें TMC का चिकन नेक कहा जाता है. ये 6 जिले हैं- मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना और बीरभूम. बंगाल विधानसभा की 294 में से 118 यानी कुल 40% सीटें इन्हीं जिलों में पड़ती हैं. इन 6 सीटों पर ममता बनर्जी का कोर वोटर्स रहता है. यहां ममता बनर्जी की जान बसती है.