जो जीता वह सेमीफाइनल में
भारत और वेस्टइंडीज के बीच 'करो या मरो' का मुकाबला
कोलकाता, साउथ अफ्रीका के खिलाफ नाकाम होने के बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजी लय में नजर आई. लेकिन गेंदबाजी उस मैच में भी काफी सवाल छोड़ गई. भारतीय बल्लेबाज अब अपने पुराने रंग में दिख रहे हैं लेकिन गेंदबाज अब भी प्रभावशाली प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं. ऐसी परिस्थितियों में वेस्टइंडीज के खिलाफ रविवार को यहां होने वाले टी20 विश्व कप के क्वॉर्टर फाइनल जैसे सुपर आठ के मैच में उसे इस डिपार्टमेंट में अपना बेहतर प्रदर्शन करना होगा.
वेस्टइंडीज की दक्षिण अफ्रीका से हार और भारत की जिम्बाब्वे पर जीत ने ग्रुप एक के सुपर आठ के इस मैच को दोनों टीम के लिए करो या मरो जैसा बना दिया है. इसलिए अब दोनों टीम कोई कसर नहीं छोड़ेंगी और ऐसे में ईडन गार्डन्स में एक रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है. इस मैच के विजेता को इंग्लैंड के खिलाफ पांच मार्च को दूसरे सेमीफाइनल में खेलने का मौका मिलेगा.
जिम्बाब्वे के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजी ने किया कमाल
जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत ने बल्लेबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया. उसके बल्लेबाज सही समय पर लय में लौट आए हैं और अब गेंदबाजों की बारी है. पिछले मैच में टॉप ऑर्डर में वापसी करने वाले संजू सैमसन सहित चोटी के सभी छह बल्लेबाजों ने उपयोगी योगदान दिया. संजू ने केवल 24 रन बनाए, लेकिन उन्होंने शुरू में ही रन गति तेज कर दी जिसका बाकी बल्लेबाजों पर सकारात्मक असर पड़ा.
उनके आक्रामक रवैये ने अभिषेक शर्मा के हौसले को बुलंद किया, जिनका इस टूर्नामेंट में पिछला सर्वश्रेष्ठ स्कोर 15 था, जो उन्होंने लगातार तीन मैचों में शून्य पर आउट होने के बाद बनाया था. अभिषेक ने अर्धशतक लगाकर शानदार वापसी की तो तिलक वर्मा ने नंबर छह की अपनी नई भूमिका में नए इरादे के साथ बल्लेबाजी करते हुए 16 गेंदों में 44 रन बनाए.
भारत ने बनाया सबसे बड़ा स्कोर, गेंदबाज नहीं छोड़ पाए असर
भारत ने चार विकेट पर 256 रन बनाए जो इस टी20 विश्व कप का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे बिना किसी चिंता के ईडन गार्डन्स पहुंचे हैं. जिम्बाब्वे के खिलाफ बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने अच्छी गेंदबाजी की. जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या ने भी शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन स्पिन गेंदबाज वरुण चक्रवर्ती अपने पुराने फॉर्म में नहीं नजर आ रहे हैं.
यह रहस्यमयी स्पिनर अपनी लेंथ को सही ढंग से काबू नहीं कर पाया है. ऐसा लगता है कि वह बहुत ज्यादा प्रयोग कर रहे हैं. चक्रवर्ती के नहीं चल पाने के कारण साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत को नुकसान हुआ. चक्रवर्ती ने उस मैच में चार ओवर में 47 रन लुटा दिए थे. भारत को अपने इस स्पिनर से बीच के ओवरों में विकेटों की उम्मीद थी. लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाए.