पुलिस अधीक्षक ने अपने जीवन की कहानी सुनाकर सबको रोमांचित किया, कहा जीवन में कभी निराश मत होना, आत्म निर्भर बनना
कन्या हाई स्कूल अभाना को गोद लेने का निर्णय लिया
CURATED BY – DHEERAJ KUMAR AHIRWAL | CITYCHIEFNEWS
दमोह, यदि कोई महिला, कोई लड़की आर्थिक रूप से स्वतंत्र है, आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर है, तो उन्हें इन समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। आप सभी विद्यार्थियों का पहला लक्ष्य अपनी जिंदगी यही होना चाहिए, की आपको आर्थिक रूप से स्वतंत्र होना है, किसी पर निर्भर नहीं रहना है। यह बात आज पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने शासकीय कन्या हाई स्कूल अभाना में आयोजित " भविष्य से भेंट" कार्यक्रम में कही। इस अवसर पर अर्चना जैन, सरपंच गोविंद सिंह, डॉक्टर आलोक सोनवलकर, थाना प्रभारी नोहटा अरविंद सिंह, श्रयांस जैन उपस्थित रहे।
पुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों से कहा सभी को मौके मिलते हैं सभी के व्यक्तित्व और प्रतिभा के हिसाब से वे चाहे तो दुनिया पलट सकते हैं। हम सभी में अपार क्षमता है। मैं इस नौकरी में आया हूं मेरे ऑफिस में आधे से ज्यादा जो लोग मिलने आते हैं उनमें से सबसे ज्यादा महिलाएं होती हैं, वह किसी न किसी रूम में परेशान रहती है, उन्हें दिक्कत होती है, तो मैं हमेशा यही सोचता हूं मैं उनके लिए क्या एक्स्ट्रा मदद कर सकूं और मेरे दिमाग में केवल एक ही चींज आती है, वह यह है किअपने और अपने परिवार के ऊपर पैसे खर्च करने के लिए पैसे हो, यदि आप किसी को पैसे देना चाहे अपने परिवार में, अपने दोस्त, अपने पड़ोसी-रिश्तेदारों को उनकी मदद करने के लिए पैसे हो। पैसे की बात मैंने इसलिए की है क्योंकि समाज में सम्मानपूर्वक रहने के लिए कुछ पैसे होने ही चाहिए। इसलिये सभी को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना है।
उन्होंने कहा शतरंज की कहानी में यह होता है की जो खिलाड़ी होता है उसका अपना अपना एक रोल होता है, यहां पर इतने सारे बच्चे बैठे हुए हैं कुछ बच्चे ज्यादा नंबर पाते हैं कुछ कम अंक पाते है, वे भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं, इसके लिये आपको निराश नहीं होना है। आप लोगों को यह सोचने की जरूरत नहीं है स्कूल के किसी एग्जाम में आपके नंबर नहीं आ रहे हैं, तो आप किसी से कम है। सभी अलग-अलग कार्य के लिये बने है, इसलिये हमेशा आत्मविश्वास बनाये रखे, हम किसी से कम नहीं है। सभी विषय बराबर है, सवाल रूचि एवं चयन का है।
उन्होंने कहा वर्तमान में मोबाईल ने हर विद्यार्थी को समान बना दिया है, दमोह और दिल्ली के विद्यार्थी अब समान है। एक किताब एक हजार किताब के बराबर है इसलिये सोने से पहले पढ़ने की आदत डालना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को कछुआ और खरगोश की प्रेरक कहानी सुनाकर सभी को प्रेरणा दी कि हमें कछुआ बनना है, जिससे हम कछुये के समान निरंतर बिना रूके अपने लक्ष्य के लिये आगे बढ़ते रहे और सफल हो।
पुलिस अधीक्षक सोमवंशी ने अपने जीवन की कहानी सुनाकर, सबको रोमांचित किया ओर कहा कि जीवन में कभी निराश मत होना, आत्म निर्भर बनना। उन्होंने कन्या हाई स्कूल अभाना को गोद लेने का निर्णय लिया।
पुलिस अधीक्षक सोमवंशी ने कु भारती लोधी को साफा पहनाकर, आई कोन अवार्ड प्रदान किया। कार्यक्रम में कु. त्रिवेणी, कु. साक्षी, रंजीता, अंजली, नेहा रैकवार आदि को अच्छे अंक लाने पर पुरुस्कृत किया गया।