मीठे पानी के नाम पर प्रदूषित पानी महीनों से पी रही अमानगंज नगर की जनता
हो सकती है गंभीर बीमारियां
CURATED BY – RAM NARESH VISHWAKARMA | CITYCHIEFNEWS
पन्ना, मध्य प्रदेश राज्य शासन ने आम जन कल्याण हेतु पन्ना जिले के अमानगंज नगर में जल आवर्धन योजना अंतर्गत करोड़ों रुपए स्वीकृत कर उसे मीठे पानी की सौगात देकर उत्साहित और प्रोत्साहित किया था परंतु यह मीठे पानी की सौगात उसे अब एक बड़ी समस्या बन चुकी है याद हो कि यह मीठा पानी अमानगंज से तकरीबन 12 किलोमीटर दूर ग्राम सिंघोरा से पाइपलाइन डालकर अमानगंज लाया गया था जो कुछ दिनों तक सही स्थिति में रहा परंतु आज इसके हालत इस तरह बिगड़े हुए हैं कि यह पानी पीकर आम जनमानस सुरक्षित नहीं रह सकता शारीरिक और मानसिक रोगों में उलझ सकता है इस बात की जानकारी स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह है साथ ही स्थानीय प्रशासन के जन प्रतिनिधि सारी व्यवस्था अवस्था से परिचित हैं बावजूद इसके सुधार में एक भी कदम उठाने को तैयार नहीं देखे जा रहे हैं। पानी पूरी तरह से पीला-पीला आ रहा है जिसमें जीवाणु और वायरस मिलने की शिकायत एक बार नहीं बल्कि अनेक बार स्थानीय जनता ने नगर निकाय अमानगंज को दी और संबंधित ठेकेदार को भी बताई। यह पानी फिल्टर होकर घर-घर जाना था जो अब नदी से सीधे उसी हालत में आ रहा है स्थानीय जनता का कहना है कि यह पानी नदी के एक गड्ढे से आता है जो पूरी तरह साफ नहीं है और ना इस पानी को साफ किया जाता है। जब यह योजना स्वीकृत हुई जनता उत्साहित थी कि उसे मीठा और स्वच्छ जल मिलेगा और नगर वासियों ने नगर निकाय के हिसाब से पांच-पांच हजार रुपये उसकी मनमर्जी के हिसाब से अपनी कनेक्शन राशि दी साथ ही बाकायदा 200रुपये मासिक भुगतान भी कर रही है लेकिन आज जनता पूरी तरह अपने आप को ठगा सा महसूस कर रही है। जैसे ही बरसात चालू होगी नगर एवं क्षेत्र में जहाँ मौसमी बीमारी फैलेगी,इसी पानी में नाना प्रकार की बीमारियां शहर में फैल सकती है जिसका जवाबदार कौन होगा? स्थानीय प्रशासन? या जिला प्रशासन या प्रदेश सरकार?