नई दिल्ली, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ में मारे गए लोगों में से एक की रिश्तेदार पूनम देवी रविवार को अपने परिवार के सदस्य का शव लेने के लिए एलएनजेपी अस्पताल के शवगृह पहुंचीं। जहां उन्होंने दावा किया कि प्लेटफॉर्म बदलने के लिए अचानक अनाउंसमेंट हुई जिसके कारण रेलवे स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। उन्होंने कहा मुझे सूचना मिली कि शव यहां रखे गए हैं, इसलिए मैं अपने रिश्तेदार का शव लेने आई हूं। आगे पूनम ने बताया कि हम छपरा, बिहार जा रहे थे मुझे अपने ट्रेन टिकट के बारे में कोई जानकारी नहीं है और न ही मुझे पता है कि मुझे किस ट्रेन में सवार होना था।

ता दें कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार को हुई भगदड़ में 18 लोगों की जान चली गई थी। यह घटना रात करीब 10 बजे उस समय हुई जब हजारों श्रद्धालु महाकुंभ 2025 उत्सव के लिए प्रयागराज जा रहे थे। पुलिस उपायुक्त रेलवे, केपीएस मल्होत्रा ने बताया कि यह घटना उस समय हुई जब बड़ी संख्या में यात्री प्लेटफार्म नंबर 14 पर एकत्र हुए, जहां प्रयागराज एक्सप्रेस खड़ी थी। इसके अतिरिक्त, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस और भुवनेश्वर राजधानी के प्रस्थान में देरी के कारण प्लेटफार्म 12, 13 और 14 पर और भीड़भाड़ हो गई। इसी दौरान भगदड़ मच गई जिसमें 18 लोगों की जान चली गई।    

इस हादसे को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। वहीं नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में मारे गए लोगों के परिवारों को रेलवे की ओर से 10 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की गई है। इसके अलावा गंभीर रूप से घायलों को 2.5 लाख रुपये और मामूली रूप से घायलों को एक लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा रेलवे की तरफ से की गई है।