नए कानून के तहत पहली एफआईआर पड़ाव थाने में मारपीट की दर्ज की गई
डीआईजी ने खुद फरियादी को FIR की कॉपी सौपी
CURATED BY – ARVIND SINGH PAWAIYA | CITYCHIEFNEWS
ग्वालियर, देशभर में1 जुलाई से नया कानून लागू हो गया है। अब IPC (इंडियन पीनल कोड) का नाम बदल कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) कर दिया गया है। इसके तहत जहां कई अपराध के लिए नई धाराएं हो गई हैं। वहीं कुछ धाराओं के नियम भी बदल गए हैं। पहले दिन प्रदेशभर में सभी थाना स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जैसे लोगों को पता लग सके कि नए कानून में उनके लिए क्या नए प्रावधान है और कैसे वे इनका लाभ उठा सकते हैं।
ग्वालियर के पढ़ाव थाने में नए कानून भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत पहली एफआईआर मारपीट के मामले में दर्ज की गई। इस प्रकार की घटना होने पर पहले आईपीसी की धारा 294 के तहत मामला दर्ज होता था। पड़ाव थाने में पहली एफआईआर दर्ज होते समय ग्वालियर रेंज की डीआईजी कृष्णा वेणु देशावतु भी मौजूद रही। नए कानून के पहली FIR ग्वालियर के किलागेट इलाके के रहने वाले अंशु पुत्र राजू शर्मा की शिकायत पर हुई, उसने बताया कि वह अपने दोस्त को जीवाजी विश्वविद्यालय में पेपर करने के लिए ले जा रहा था तभी रास्ते में दो युवकों ने कब्रिस्तान के पास रोककर उसके साथ मारपीट करते हुए गाली गलौज की है। फरियादी अंशु शर्मा की शिकायत पर मामला दर्ज होने के बाद डीआईजी ने खुद उन्हें FIR की कॉपी सौपी ।
डीआईजी कृष्णा वेणु देशावतु ने बताया कि नए कानून लागू होने के पहले दिन प्रदेशभर में सभी थाना स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जैसे लोगों को पता लग सके कि नए कानून में उनके लिए क्या नए प्रावधान है और कैसे वे इनका लाभ उठा सकते हैं। तो वही नए कानून के तहत पहली एफआईआर दर्ज होने पर फरियादी भी खुश नजर आया और पुलिस को धन्यवाद दिया।