नई दिल्ली, देश इस समय भीषण गर्मी की ऐसी मार झेल रहा है जिसने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत, पूर्वी भारत और पश्चिमी हिस्सों तक धरती तप रही है कई शहरों में तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है हालात ऐसे बन गए हैं कि दोपहर में सड़कें सूनी दिखाई देने लगी हैं अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीज बढ़ रहे हैं और लोग रात में भी चैन की नींद नहीं ले पा रहे वहीं भारत के मौसम विज्ञान विभाग ने कई राज्यों में सीवियर हीटवेवे अलर्ट जारी किया है इस भीषण गर्मी के पीछे कई बड़े कारण बताए जा रहे हैं मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी  डिस्टर्बेन्सेन के कारण कमजोर पड़ गया है जिसके कारण उत्तर भारत में ठंडी हवाएं नहीं पहुँच पा रहीं दूसरी ओर राजस्थान और पाकिस्तान की तरफ से आने वाली गर्म और शुष्क हवाएं पूरे उत्तर और मध्य भारत को झुलसा रही हैं लगातार साफ आसमान तेज धूप और जमीन का अत्यधिक गर्म होना तापमान को और बढ़ा रहा है इसके साथ ही जलवायु परिवर्तन यानी क्लाइमेट चेंज का असर अब स्पष्ट दिखाई देने लगा है वैज्ञानिकों का कहना है कि पहले जो तापमान कभी-कभार दर्ज होता था अब वह लगातार देखने को मिल रहा है दुनिया के सबसे गर्म क्षेत्रों की बात करें तो इस समय भारत, पाकिस्तान, कुवैत, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इराक जैसे देश अत्यधिक गर्मी झेल रहे हैं कई अंतरराष्ट्रीय मौसम रिपोर्टों में दावा किया गया कि बीते दिनों दुनिया के सबसे गर्म 50 शहरों में बड़ी संख्या भारत के शहरों की थी इससे साफ है कि भारत अब दुनिया के सबसे अधिक गर्म क्षेत्रों में शामिल हो चुका है अगर भारत के सबसे ज्यादा गर्म शहरों की बात करें तो उत्तर प्रदेश का बांदा सबसे ज्यादा चर्चा में रहा जहाँ तापमान लगभग 47.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया दोपहर के समय सड़कें खाली दिखाई देने लगीं लोग जरूरी काम के बिना घर से बाहर नहीं निकल रहे बिजली कटौती और पानी की कमी ने परेशानी और बढ़ा दी दिल्ली में हालात और भी चिंताजनक बने हुए हैं राजधानी में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया जबकि कई इलाकों में इससे भी अधिक गर्मी महसूस की गई रातें भी बेहद गर्म हो गई हैं मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली ने मई महीने की पिछले 14 वर्षों की सबसे गर्म रात दर्ज की लोग कह रहे हैं कि एसी और कूलर भी गर्म हवा फेंकते महसूस हो रहे हैं उत्तर प्रदेश का झांसी भी भीषण गर्मी की चपेट में है जहाँ तापमान 45.6 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज हुआ अस्पतालों में चक्कर आने उल्टी और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है मजदूर वर्ग और रिक्शा चालकों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है.

मध्य प्रदेश का ग्वालियर, छतरपुर और नौगांव भी आग की तरह तप रहे हैं कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री के आसपास बना हुआ है दोपहर के समय बाजार सूने पड़ जाते हैं लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं महाराष्ट्र का नागपुर भी लगातार गर्म रातों से परेशान है दिन के साथ-साथ रात में भी राहत नहीं मिल रही यही कारण है कि लोगों में बेचैनी और थकान बढ़ रही है ओडिशा का बलांगीर और झारखंड के कई शहर भी लू की चपेट में हैं वहां खेतों में काम करने वाले मजदूरों को सबसे ज्यादा मुश्किल हो रही है कई राज्यों में स्कूलों का समय बदला गया है और कुछ जगह छुट्टियां तक घोषित करनी पड़ीं सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर बड़ी नदियों के किनारे बसे शहरों में भी इतनी भीषण गर्मी क्यों पड़ रही है मौसम विशेषज्ञ बताते हैं कि गंगा, यमुना, नर्मदा या अन्य नदियों के आसपास तेजी से कंक्रीट का विस्तार हुआ है पेड़ कटने और शहरों में सीमेंट-कंक्रीट बढ़ने से जमीन अधिक गर्मी सोख रही है नदी का पानी अब पहले जितना ठंडक नहीं दे पा रहा क्योंकि जलस्तर कम हुआ है और प्रदूषण भी बढ़ा है यही कारण है कि प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर और पटना जैसे नदी किनारे बसे शहर भी लू की चपेट में हैं अब अगर समुद्री तटों के किनारे बसे शहरों की बात करें तो पहले माना जाता था कि समुद्र के कारण वहां मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहेगा लेकिन अब मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, विशाखापट्टनम और गोवा जैसे शहरों में भी अत्यधिक गर्मी और उमस महसूस की जा रही है इसका कारण समुद्र की सतह का तापमान बढ़ना अरब सागर और बंगाल की खाड़ी सामान्य से अधिक गर्म हो चुके हैं इससे हवा में नमी बहुत बढ़ जाती है यही नमी गर्म हवाओं के साथ मिलकर हीट इंडेक्स बढ़ा देती है जिससे शरीर को वास्तविक तापमान से कहीं अधिक गर्मी महसूस होती है इसलिए समुद्री शहरों में लोग पसीने व चिपचिपाहट और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याओं से परेशान हैं अधिक गर्मी अब सीधे स्वास्थ्य पर बड़ा खतरा बनती जा रही है डॉक्टरों के अनुसार सबसे बड़ा खतरा हीट स्ट्रोक का है जिसमें शरीर का तापमान तेजी से बढ़ जाता है और व्यक्ति बेहोश तक हो सकता है इसके अलावा डिहाइड्रेशन,लो ब्लड प्रेशर, उल्टी-दस्त, सिरदर्द, चक्कर आना, सांस लेने में दिक्कत और हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है। छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पहले से बीमार लोग सबसे ज्यादा जोखिम में हैं। लगातार गर्म रातों के कारण लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही जिससे मानसिक तनाव और थकावट भी बढ़ रही है। इंडिया मेटेरोलॉजिकल डिपार्टमेंट के अनुसार उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भीषण गर्मी जारी रह सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि मई के अंतिम सप्ताह तक कई राज्यों में तापमान 44 से 47 डिग्री के बीच बना रह सकता है इसी महा मे कुछ क्षेत्रों में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होने के बाद हल्की राहत मिलने की संभावना जताई गई है विशेषज्ञ लगातार लोगों को सलाह दे रहे हैं कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचें ज्यादा से ज्यादा पानी, ORS, नींबू पानी और छाछ का सेवन करें हल्के रंग के कपड़े पहनें और सिर को कपड़े या टोपी से ढककर रखें क्योंकि इस बार की गर्मी सिर्फ असहजता नहीं बल्कि सीधे स्वास्थ्य और जीवन के लिए गंभीर चुनौती बनती दिखाई दे रही है।