सांसद के जन्मदिन पर शहर बैनरों से पटा
जनता बोली— समस्याओं से ज्यादा दिखावा जरूरी?
आलोट, नगर एवं क्षेत्र में आमजन अपनी रोजमर्रा की समस्याओं को लेकर परेशान हैं। किसान अपनी कृषि संबंधी दिक्कतों से जूझ रहे हैं, व्यापारी विभिन्न प्रशासनिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं और आम लोगों का आरोप है कि उनके कार्य समय पर नहीं हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि कई विभागों में अफसरशाही हावी है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी समस्याओं के समाधान की बजाय मौन नजर आ रहे हैं।
इसी बीच मंगलवार को क्षेत्रीय सांसद के जन्मदिवस के अवसर पर नगर के कारगिल चौराहे से लेकर मुख्य मार्ग तक बड़े-बड़े बैनर और फ्लेक्स लगाए गए। स्थानीय नेताओं ने जगह-जगह शुभकामना संदेशों वाले पोस्टर लगाकर अपने नेता के प्रति समर्थन प्रदर्शित किया। हालांकि, इस दौरान कई नागरिकों ने सवाल उठाया कि जब क्षेत्र की मूलभूत समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं, तब जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नेताओं का ध्यान आम जनता की परेशानियों के बजाय शक्ति प्रदर्शन और प्रचार पर अधिक क्यों है।
नगर में चर्चा का विषय यह भी बना रहा कि कई फ्लेक्स पर स्वयं को "सांसद प्रतिनिधि" लिखा गया है। जबकि पूर्व में स्वयं सांसद द्वारा जारी एक पत्र में स्पष्ट किया गया था कि उन्होंने किसी भी व्यक्ति को आधिकारिक रूप से सांसद प्रतिनिधि नियुक्त नहीं किया है। ऐसे में बिना अधिकृत नियुक्ति के स्वयं को सांसद प्रतिनिधि लिखने को लेकर लोगों के बीच सवाल खड़े हो रहे हैं।
इसके अलावा नगर के सार्वजनिक स्थानों, चौराहों, विद्युत पोल एवं अन्य स्थानों पर बड़ी संख्या में बैनर-पोस्टर लगाए गए। जबकि सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति बैनर लगाने पर प्रतिबंध के आदेश पहले से लागू हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि विद्युत पोल पर लगे बैनरों के कारण कोई दुर्घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? इस मामले में भी संबंधित विभागों और जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
वहीं कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री समय-समय पर देशवासियों से ईंधन की बचत करने और अनावश्यक निजी वाहनों के उपयोग से बचने की अपील करते रहे हैं। इसके बावजूद सांसद के जन्मदिवस पर आलोट से दर्जनों निजी वाहन उज्जैन पहुंचने की चर्चाएं रही। इस पर लोगों का कहना है कि यदि ईंधन बचाने का संदेश आम नागरिकों के लिए है, तो क्या जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को भी उसका पालन नहीं करना चाहिए?
फिलहाल नगर में यह पूरा मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। आमजन का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को प्रचार-प्रसार के साथ-साथ क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं के समाधान पर भी समान प्राथमिकता देनी चाहिए।
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