CURATED BY – GAURAV SINGHAL | CITYCHIEFNEWS

नारायणपुर, छत्तीसगढ़ के नारायणपुर और बीजापुर जिलों की सीमा पर स्थित अबूझमाड़ के घने जंगलों में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में दो वीर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी। इनमें नारायणपुर जिले के ओरछा थाना क्षेत्र के ग्राम भटबेडा निवासी 38 वर्षीय खोटलूराम कोर्राम और बीजापुर DRG के जवान रमेश हेमला शामिल हैं।  

बुधवार सुबह, सुरक्षा बलों को सूचना मिली कि नक्सलियों के शीर्ष नेता नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू (70) और अन्य वरिष्ठ कैडर अबूझमाड़ क्षेत्र में मौजूद हैं। इस पर नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और कोंडागांव जिलों की DRG टीमों ने संयुक्त अभियान चलाया। मुठभेड़ में कम से कम 27 नक्सली मारे गए, जिनमें बसवराजू भी शामिल था। इस अभियान के दौरान, DRG जवान खोटलूराम कोर्राम वीरगति को प्राप्त हुए। वहीं, शाम को जब सुरक्षा बल लौट रहे थे, तब बीजापुर DRG के जवान रमेश हेमला एक दबाव-सक्रिय IED की चपेट में आ गए और मौके पर ही शहीद हो गए।  
गुरुवार दोपहर 12 बजे, नारायणपुर के रिज़र्व पुलिस लाइन में दोनों शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर पुलिस अधिकारी, जवान, स्थानीय जनप्रतिनिधि और आम नागरिक उपस्थित रहे। शहीदों के परिजन नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई देते नजर आए। श्रद्धांजलि समारोह के बाद, शहीदों के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांवों में अंतिम संस्कार के लिए भेजा गया।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सरकार नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है और शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहीदों के परिजनों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी। गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस अभियान को नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता बताया और कहा कि सरकार 2026 तक देश को नक्सलवाद मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।  इस वर्ष अब तक छत्तीसगढ़ में 200 से अधिक नक्सली मारे जा चुके हैं, जिनमें से अधिकांश बस्तर क्षेत्र में हुए हैं। यह दर्शाता है कि सुरक्षा बलों की रणनीति और प्रयास सफल हो रहे हैं।  
शहीद खोटलूराम कोर्राम और रमेश हेमला जैसे वीर जवानों का बलिदान देश कभी नहीं भूलेगा। उनकी शहादत न केवल नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में मील का पत्थर है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सुरक्षा बल और सरकार इस समस्या के समाधान के लिए गंभीर हैं। अब समय है कि हम सभी मिलकर शहीदों के सपनों का भारत बनाएं, जहां शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त हो।