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शाजापुर, राष्ट्रीय शैक्षणिक सर्वेक्षण 2024 की आवश्यक तैयारियों एवं एफएलएन के संबंध में गुरुवार को कलेक्टर ऋजु बाफना की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई, जिसमें शाजापुर जिले के सभी विकासखंडों के बीआरसी, जन शिक्षक, बीएससी एवं एनएएस के विषय विशेषज्ञ मौजूद थे। बैठक में कलेक्टर बाफना ने निर्देश दिए कि शिक्षक समय पर विद्यालय में उपस्थित रहकर बच्चों को पढ़ाएं। उन्होंने प्रति सप्ताह विकासखण्डवार 5-5 विद्यालयों में टेस्ट लेने के भी निर्देश दिए। साथ ही उन्होने रेण्डमली जांच करने के लिए निर्देशित किया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में कम बच्चें हैं, किन्तु शिक्षक अधिक हैं वहां के शिक्षकों को अन्य विद्यालय में नियुक्त करें। उन्होने कहा कि यह सुनिश्चित करें कि विद्यालयों में सभी विषयों के शिक्षक उपलब्ध हों। उन्होने बीआरसी, बीईओ को निर्देश दिए कि बच्चों के पढ़ाई का स्तर बेहतर हो, इसके लिए देखें कि शिक्षक समय पर स्कूल आ रहे हंै एवं बच्चों को पढ़ा रहे अथवा नहीं, इसकी रिपोर्ट दें। साथ ही शिक्षकों से स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए यदि आवश्यक हो तो बच्चों के घर तक शिक्षक एवं उनके पालकों से बात कर उन्हें स्कूल में भेजने के लिए प्रेरित करें। इस दौरान कलेक्टर ने शिक्षकों के प्रशिक्षण में कम स्कोर लाने वाले शिक्षकों का पुन: प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए। जिला परियोजना समन्वयक राजेन्द्र शिप्रे द्वारा राष्ट्रीय शैक्षणिक सर्वेक्षण एनएएस 2024 की आवश्यक तैयारियों से अवगत कराया और समय सीमा में कार्य करने के बारे में जानकारी दी। उन्होने बताया कि इस बार कक्षा 3, 6 एवं 9 के विद्यार्थियों का राष्ट्रीय शैक्षणिक सर्वेक्षण 2024 के माध्यम से किया जाएगा जिसकी तैयारियां कर ली गई हैं तथा उक्त कक्षाओं के विद्यार्थियों से अभ्यास प्रश्न एवं ओलंपियाड के प्रश्न बैंक आदि का अभ्यास करवाया जा रहा है। इस दौरान एफएलएन के रवि द्वारा एफएलएन कक्षा 1, 2, 3 के शैक्षणिक कैलेण्डर, निपुण लक्ष्य, एफएलएन सामग्री, शिक्षक आंकलन, सर्वे रिपोर्ट आदि के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई।
सीएसआर गतिविधियों की समीक्षा बैठक संपन्न
कलेक्टर ऋजु बाफना की अध्यक्षता में सीएसआर गतिविधियों के संबंध में समीक्षा बैठक संपन्न हुई। कलेक्टर द्वारा बैठक में महिला एवं बाल विकास, सीएमएचओ, शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सीएसआर के माध्यम से किए जाने वाले चिन्हांकित कार्यों को समयसीमा में पूर्ण कराने तथा योजना बनाकर अन्य कार्य संपादित कराने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होने सीएसआर के माध्यम से आंगनवाड़ी केन्द्रों में पंखे लगाने, चिकित्सालयों में सोनोग्राफी एवं डिजीटल एक्सरे मशीन आदि लगाने, जिन स्वास्थ्य केन्द्रों पर सौलर बेटरी खराब हो गई है उन्हें ठीक करने तथा विद्यालयों, छात्रावासों की मरम्मत कराने सहित विभिन्न अन्य कार्यों के करने के निर्देश दिए। साथ ही सीएसआर के संबंध में प्रत्येक सोमवार को बैठक आयोजित कर कार्यों की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।