शिक्षक सार्थक ऐप अपनायें विद्यालय समय से पहुंचें
पूर्ण समय तक विद्यालय में रहकर समस्त कालखण्डों में अध्यापन कार्य करायें : कलेक्टर
दमोह, जिले के परीक्षा परिणाम को अग्रणी लाने के लिये सत्र 2024-2025 में सभी शिक्षकगण सार्थक ऐप अपनायें, विद्यालय समय से पहुंचें तथा पूर्ण समय तक विद्यालय में रहकर सभी कालखण्डों में अध्यापन कार्य करायें । इस आशय की बात कलेक्टर ने शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के सभा कक्ष में आयोजित जिले के समस्त विकासखण्डों के प्राचार्यो की समीक्षा बैठक कही। इस अवसर पर 27 जुलाई को आयोजित होने वाली जिला स्तरीय पर्यटन क्विज प्रतियोगिता के लिये पोस्टर का विमोचन भी किया गया।
कलेक्टर ने बैठक में कॉपी चेंकिग, मासिक टेस्ट, विद्यार्थियों की उपस्थिति, पालक शिक्षक मीटिंग, विद्यालयों का निरीक्षण, व्यवसायिक शिक्षा, विद्यालयों की सुरक्षा व मरम्मत, नवाचार, जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करते हुये अच्छा कार्य करने वाले शिक्षकों/प्राचार्यो को सम्मानित करने की बात कहीं। उन्होंने कहा जब में मैली प्राथमिक शाला के पास से निकल रहा था, तो वहां स्कूल के बाहर कुछ बच्चे खड़े हुये थे, रूककर बात की तो बच्चों ने बताया कि शिक्षक हमें बहुत अच्छा पढ़ाते है, इसलिए हम स्कूल खुलने के पहले ही स्कूल आ जाते है। शिक्षक समय पर आते है तथा हमें अच्छा पढ़ाते है। जब उन बच्चों की पुस्तकों से कुछ प्रश्न किये तो सभी ने सटीक और सही उत्तर दिये, जिससे पता चलता है कि बच्चों का शैक्षणिक स्तर बहुत अच्छा है। कलेक्टर श्री कोचर ने कहा यह सब जानकर मन प्रशन्नचित हो गया। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि यदि शिक्षक बच्चों के प्रति समर्पित भाव से अध्यापन कार्य करें तो स्कूलों में कम उपस्थिति जैसी समस्या कभी नहीं रहेगी तथा परीक्षा परिणाम श्रेष्ठ रहेगा।
बैठक में कलेक्टर श्री कोचर ने प्राचार्यो से बात करते हुये उनकी समस्याओं के बारे में भी एक-एक करके प्रश्न किये। कॉपी चैकिंग के संदर्भ में निर्देश दिये कि शिक्षक विद्यार्थियों की जो कॉपी चैक करते है उनका 25 प्रतिशत चैकिंग प्राचार्यो को करना है तथा यह देखना है कि शिक्षक द्वारा चैंक की गई कॉपी में शिक्षक द्वारा चैक करने में कोई भूल तो नहीं की। वरिष्ठ अधिकारी भी अपने निरीक्षण के दौरान शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को जो अध्यापन कार्य कराते है अथवा होमवर्क देते है उसका विद्यार्थी द्वारा कॉपी अथवा रजिस्टर में लिखी गई विषय वस्तु की चैंकिग करेगें कि शिक्षक एवं प्राचार्य द्वारा नियमित कॉपियों की चैंकिग की जा रही है अथवा नहीं।
कलेक्टर ने कहा शाला कैलेण्डर में दिये गये समय विभाग चक्र के अनुसार अध्यापन नियमित कराते हुये दिसम्बर माह तक का कोर्स पूरा करायें ताकि आगामी 02 माह का समय विद्यार्थियों को रिवीजन के लिये मिल सके। उन्होंने शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिये जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिये जिन विद्यालयों में अतिशेष शिक्षक है, उन्हें वहां से हटाकर जहां शिक्षकों की कमी है, उन शालाओं में तुरंत शिफ्ट किया जाये। सार्थक ऐप के संबंध में उन्होने पुनः स्पष्ट किया कि इससे किसी को घबराने की जरूरत नहीं है, ऐप का मुख्य उद्देश्य अनुशासन के साथ अध्यापन कराना है। यह किसी के ऊपर कार्यवाही के लिए नहीं है।