CURATED BY – LAKESH PANCHESHWAR | CITYCHIEFNEWS

लालबर्रा, लालबर्रा विकासखंड व संकुल क्षेत्र अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला जबलटोला (नगपुरा)में प्रधानपाठक सहित तीन शिक्षक- शिक्षिका पदस्थ हैं। जिन्हें बच्चों की नियमित पढ़ाई लिखाई कराकर उनका भविष्य संवारने के लिए एवं अपने ही जैसा अच्छा व्यक्ति बनाने के लिए ऐसी जिम्मेदारी का दायित्व इन तीन शिक्षक- शिक्षिका को शिक्षा विभाग द्वारा सौंपी गई है। इसके बदले में सरकार इन्हें मोटी तनख्वाह पगार के रूप में देती है, जिसका सैकड़ों शिक्षक- शिक्षिका बखूबी अपनी जिम्मेदारी व दायित्वों का निर्वहन भी जिम्मेदारी पूर्ण करते हैं, लेकिन कई लापरवाह शिक्षक- शिक्षिका सिर्फ मोटी तनख्वाह लेना अपनी जिम्मेदारी समझते हैं। बच्चों का भविष्य संवारने उन्हें नियमित पढ़ाई लिखाई कराने में उनकी रूचि नहीं रहती है। क्षेत्र में ऐसे लापरवाह कई शिक्षक- शिक्षिका देखे जा सकते हैं यदि विभाग के अधिकारी निरीक्षण करें तो उन्हें वस्तु स्थिति स्वयं ही पता चल जाएगी। छात्र-छात्राओं,शिक्षकों व ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी अनुसार ऐसा ही एक मामला लालबर्रा विकासखंड क्षेत्र के शासकीय प्राथमिक शाला जबलटोला में इन दिनों देखने मिल रहा है। जहां प्रभारी प्रधानपाठक रविशंकर उईके, प्राथमिक शिक्षक कैलाश महेरबान,एवं प्राथमिक शिक्षिका वंदना चौधरी पदस्थ हैं। जहां दो शिक्षक तो समय पर आते हैं और बच्चों का अध्ययन कार्य व कार्यालयीन शासकीय कार्य पूर्ण कर समय पर स्कूल बंद कर लौटते हैं,लेकिन वहीं एक शिक्षिका जो विगत 3 वर्ष से इसी स्कूल में पदस्थ है। वह प्रतिदिन निर्धारित समय से देरी से स्कूल पहुंचती हैं और समय से पहले स्कूल से चले जाती हैं और बच्चों के अध्ययन कार्य पढ़ाई लिखाई करवाने में भी कम रूची रखती हैं।, छः दिनों से बिना आवेदन के वंदना चौधरी स्कूल में अनुपस्थित हैं। इसके पहले भी कई बार बिना छुट्टी आवेदन के अनुपस्थित रहीं हैं। कई बार छुट्टी के लिए आवेदन देती हैं तो कई बार आवेदन नहीं देती हैं। जिस संबंध में प्रभारी प्रधानपाठक ने संबंधित शिक्षा विभाग के विकासखंड स्त्रोत समन्वयक (बीआरसी) श्रीराम तुरकर व जन शिक्षा केंद्र संकुल प्राचार्य लक्ष्मीचंद मानवटकर को भी अवगत करा दिया है। इसके बाद भी लापरवाह चौधरी शिक्षिका की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं आ रहा है। जिससे कि बच्चों का भविष्य अंधकार में डूब रहा है, एवं बच्चों की पढ़ाई लिखाई पुरी तरह से प्रभावित हो रही है, समय पर उनके कोर्स पूर्ण नहीं हो पा रहे हैं।  
21 सितंबर दिन शनिवार को ग्राम पंचायत नगपुरा के वार्ड पंच गणेश मात्रे सहित कुछ जागरुक ग्रामीणों ने प्राथमिक शाला का निरीक्षण किया तो ज्ञात हुआ कि चौधरी मेडम स्कूल में बिना आवेदन के कई दिनों से अनुपस्थित हैं। जिम्मेदार अधिकारियों का अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर शिकंजा कसा हुआ नहीं है इसलिए शिक्षा विभाग के यह हाल हैं। शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी ही सुस्त हैं,उनकी ढीली ढाली कार्यप्रणाली के कारण उक्त शिक्षिका पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इसलिए लापरवाह शिक्षिका समय पर प्रतिदिन स्कूल नहीं आ रही है। शिक्षा विभाग के अधिकारी ही स्वयं सुस्त हैं।जागरूक ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से यही मांग किए हैं कि ऐसी लापरवाह शिक्षिका पर जिलें के जिम्मेदार अधिकारी तुरंत ठोस कार्यवाही करें ताकि इस तरह कि लापरवाही भविष्य में ना हो और शिक्षा कार्य नियमित रूप से सही चले और बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके।
इनका कहना है -

बच्चों और शिक्षकों द्वारा जानकारी लगी कि चौधरी मेडम 6 दिनों से अनुपस्थित हैं,बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। मेडम समय पर स्कूल आएं और बच्चों को अच्छे से पढ़ायें लिखाएं जिससे कि बच्चों का भविष्य बनेगा और समय पर स्कूल से जाएं।
अवधेश चौधरी ग्रामीण

बच्चों और शिक्षकों द्वारा जानकारी लगी कि चौधरी मेडम प्रतिदिन स्कूल नहीं आ रही है,मैं आज कुछ ग्रामीण जनों के साथ स्कूल पहुंचा तो देखा कि चौधरी मेडम स्कूल में बिना आवेदन के अनुपस्थित हैं। चौधरी मेडम समय से लेट आती हैं और समय के पहले स्कूल से चले जाती हैं।मेडम समय पर स्कूल आएं और बच्चों को अच्छी शिक्षा दें और समय पर स्कूल से जाएं। 
गणेश मात्रे वार्ड पंच

संकुल प्राचार्य और बीआरसी को अवगत करा दिया गया है। मेडम नियमित स्कूल आएं और बच्चों को नियमित पढ़ायें लिखायें।
 रविशंकर उईके (प्रभारी प्रधानपाठक)

2 दिन में जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया गया है,अभी तक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है। सोमवार 23 सितंबर को जिला शिक्षा अधिकारी को कार्रवाई के लिए अवगत कराया जाएगा।
श्रीराम तुरकर (विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक)

जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। 
लक्ष्मीचंद मानवटकर (प्राचार्य)

जितने दिन बिना आवेदन के अनुपस्थित हैं उतने दिन का वेतन काटने का संकुल को निर्देश जारी कर दिया गया है। 
यादोराव गजभिये  (विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी)