बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी को मंगलवार को नम आंखों के साथ अंतिम विदाई दी गई. बिहार के पटना में दीघा घाट पर राजकीय सम्मान के साथ सुशील कुमार मोदी का अंतिम संस्कार किया गया.

इस दौरान बिहार के दिगग्ज नेता, कई केंद्रीय मंत्री वहां मौजूद रहे. पूर्व उपमुख्यमंत्री का पार्थिव शरीर नई दिल्ली से पटना लाया गया. उनका पार्थिव शरीर लेकर विशेष विमान दोपहर में पटना हवाई अड्डा पर उतरा था. पार्थिव शरीर को लेने के लिए भाजपा के कई वरिष्ठ नेता हवाई अड्डे पर मौजूद थे.

सोमवार रात ली थी अंतिम सांस
भारी भीड़ के साथ पार्थिव शरीर को राज्य की राजधानी के राजेंद्र नगर इलाके में उनके आवास पर ले जाया गया. सुशील मोदी ने 2005 से 2013 तक और फिर 2017 से 2020 के बीच बिहार के उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया. उन्होंने नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में सोमवार रात करीब 9.45 बजे अंतिम सांस ली.

पिछले महीने खुद दी थी कैंसर होने की जानकारी
उन्होंने पिछले महीने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने एक पोस्ट में लिखा था, ‘पिछले छह माह से कैंसर से संघर्ष कर रहा हूं. अब लगा कि लोगों को बताने का समय आ गया है. लोकसभा चुनाव में कुछ कर नहीं पाऊंगा. प्रधानमंत्री को सब कुछ बता दिया है.’

जेपी नड्डा ने दी श्रद्धांजलि
मंगलवार को पटना में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को अंतिम श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा, ‘बहुत दुख की बात है कि हमारे वरिष्ठ नेता और भाजपा के विचार को आगे बढ़ाने वाले सुशील मोदी हमारे बीच नहीं हैं. वो मध्य आयु में हमें छोड़ कर चले गए.’

‘पार्टी के लिए अत्यंत दुखःद घटना’
नड्डा ने कहा, ‘सुशील जी उन नेताओं में से थे जिन्होंने भारतीय जनसंघ से लेकर भाजपा तक अपने जीवन के 40 साल लगाए. उनके नेतृत्व में पार्टी ने बिहार में बहुत बड़ा व्याप लिया. उन्होंने लोकसभा और राज्यसभा में अपनी एक छाप छोड़ी है. ऐसे नेता हमारे बीच नहीं हैं ये पार्टी के लिए अत्यंत दुखःद घटना है. हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि ईश्वर उन्हें अपने चरणों में स्थान दें.’

‘बहुत अच्छे से करते थे हमारा मार्गदर्शन’
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, ‘वे मेरे साथ एक टर्म के लिए थे. वे संसद में बहुत तैयारी करके आते थे. जब मैं नया सांसद बना था तब हम उनसे पूछा करते थे, वे बहुत अच्छे से हमारा मार्गदर्शन करते थे.’