दमोह के सागर रोड स्तिथ मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन के वेयरहाउस औचक निरीक्षण
खाद्य सुरक्षा प्रशासन एवं खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा संयुक्त कार्यवाई
CURATED BY – DHEERAJ KUMAR AHIRWAL | CITYCHIEFNEWS
दमोह, कलेक्टर दमोह सुधीर कुमार कोचर द्वारा दिये गये निर्देशों के तहत डी.ओ. खाद्य सुरक्षा प्रशासन राकेश अहिरवाल एवं राजेश पटेल प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा अधिकारी माधवी बुधौलिया ने निरीक्षण कार्यवाही करते हुए दमोह के सागर रोड स्थित मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन के वेयरहाउस /गोदाम का औचक निरीक्षण किया है। निरीक्षण के दौरान मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन जिला प्रबंधक बीएम राठौर एवं नागरिक आपूर्ति निगम के केंद्र प्रभारी अनिल कुमार खरे उपस्थित थे।
निरीक्षण के दौरान वेयरहाउस में फ़ूड लाइसेंस की प्रति लगी हुई पाई गई है। वेयरहाउस में पेस्ट कंट्रोल व्यवस्था पाई गई है। उक्त शासकीय वेयरहाउस में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत नागरिकों को राशन दुकान से वितरित किए जा रहे डबल फोर्टिफाइड वन्या प्लस नमक का भंडारण किया है। परिसर में स्टॉक में संग्रहित डबल फोर्टिफाइड वन्या प्लस नमक के नमूने जांच हेतु लिए गए हैं। उक्त नमक के नमूनों को जांच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है।
राज्य शासन द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली में राशन दुकान के माध्यम से उपभोक्ताओं को डबल फोर्टीफाइड नमक वन्या प्लस उपलब्ध करवाया जा रहा है। साधारण नमक में आयोडीन एवं आयरन को सूक्ष्म मात्रा में मिलाकर डबल फोर्टीफाइड नमक तैयार किया जाता है। मानव शरीर में आयोडीन की कमी से घेंघा रोग, बौनापन, मानसिक विकलांगता, गर्भपात, बहरापन, कम सुनाई देना, बौद्धिक क्षमता में कमी आदि विकार उत्पन्न हो जाते हैं। आयोडीन नमक के उपयोग से इन रोगों से बचा जा सकता है। इसी तरह भोजन में आयरन की कमी होने से एनीमिया रोग उत्पन्न होता है। इन रोगों से बचाव के लिए सभी नागरिकों को प्रतिदिन अपने भोजन में केवल आयोडीन एवं आयरन युक्त डबल फोर्टीफाइड नमक का ही इस्तेमाल करना चाहिए। डबल फोर्टीफाइड नमक का सही रखरखाव जरूरी है एवं इसके उपयोग करते समय नमक को केवल हवा बंद डिब्बे में रखना चाहिए एवं सूखी चम्मच का उपयोग करना चाहिए।
उन्होंने बताया नमक को गैस के चूल्हे एवं धूप से दूर रखना आवश्यक है। नमक को खुले में नहीं छोड़ना चाहिए। उक्त डबल फोर्टीफाइड नमक में काले से दिखने वाले दाने आयरन के पोषक तत्व होते हैं, जिनके कारण भोजन को बनाते समय भोजन में हल्का काला रंग दिखता है। इस काले रंग से डबल फोर्टीफाइड नमक के गुणों में कोई फर्क नहीं पड़ता है एवं इसका भोजन में उपयोग करने में कोई नुकसान नहीं है, इससे भोजन के स्वाद, पोषण एवं गुणों में कोई अंतर नहीं आता है।