आदेश 97 के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन
नालगोंडा में मंत्री का काफिला रोका
हैदराबाद, तेलंगाना में सरकारी आदेश संख्या 97 के खिलाफ पॉलिटेक्निक छात्रों का विरोध लगातार जारी है। इसी क्रम में शुक्रवार, 21 अगस्त को नालगोंडा के पॉलिटेक्निक छात्रों ने सिनेमैटोग्राफी मंत्री कोमातिरेड्डी वेंकट रेड्डी के काफिले को रोककर आदेश पर रोक लगाने की मांग की।
छात्रों ने नालगोंडा के क्लॉक टावर के पास मंत्री के काफिले को रोका और अपनी समस्याओं से अवगत कराया।
मंत्री से बातचीत के दौरान एक छात्र ने कहा कि यदि सरकारी आदेश लागू होता है, तो उनकी डिप्लोमा डिग्री का महत्व प्रभावित होगा और उन्हें अपनी पसंद के पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने में परेशानी हो सकती है। इस पर मंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास सभी क्षेत्रों के छात्रों के लिए रोजगार के अवसर सुनिश्चित करना है।
आदेश 97 का विरोध क्यों?
तेलंगाना के विभिन्न पॉलिटेक्निक कॉलेजों के छात्र सरकारी आदेश संख्या 97 का विरोध कर रहे हैं। इस आदेश के तहत पॉलिटेक्निक कॉलेजों को नवगठित SHAKTI विभाग के अंतर्गत आईटीआई और अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण केंद्रों के साथ जोड़ने की योजना है।
तेलंगाना सरकार ने 3 जुलाई को जारी आदेश के तहत श्रम, रोजगार, प्रशिक्षण एवं कारखाना विभाग का नाम बदलकर SHAKTI किया था। यह नाम Skills, Human Capital and Knowledge Training Initiatives का संक्षिप्त रूप है। इसके साथ ही पॉलिटेक्निक कॉलेजों को यंग इंडिया स्किल यूनिवर्सिटी के दायरे में लाने का फैसला किया गया।
इस सप्ताह की शुरुआत में रामंथपुर, मूसी टैंक बांध और कथित तौर पर रामनासपुरा तथा बहादुरपुरा में भी छात्रों ने प्रदर्शन किया। इन विरोध प्रदर्शनों के चलते हैदराबाद के कई हिस्सों में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।
पॉलिटेक्निक शिक्षा के लिए कार्यबल बनेगा
छात्रों के लगातार विरोध के बीच तेलंगाना के श्रम मंत्री विवेक वेंकटस्वामी ने गुरुवार को पॉलिटेक्निक शिक्षा के प्रस्तावित प्रशासनिक पुनर्गठन की निगरानी के लिए संयुक्त समन्वय कार्यबल गठित करने की घोषणा की। इसमें प्रमुख तकनीकी शिक्षा संस्थानों, पॉलिटेक्निक व्याख्याताओं और अन्य संबंधित पक्षों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा।
सचिवालय में मीडिया से बातचीत में मंत्री ने कहा कि पुनर्गठन का उद्देश्य पॉलिटेक्निक शिक्षा को मजबूत करना, कौशल प्रशिक्षण को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना और छात्रों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
उन्होंने बताया कि सरकारी आदेश संख्या 97 के तहत पॉलिटेक्निक संस्थानों को तकनीकी शिक्षा निदेशालय (CTE) से हटाकर रोजगार एवं प्रशिक्षण निदेशालय (CET) के अधीन किया गया है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह बदलाव केवल प्रशासनिक पुनर्गठन तक सीमित है। इसका उद्देश्य पॉलिटेक्निक शिक्षा की पहचान या उसकी व्यवस्था को कमजोर करना नहीं है।
वेंकटस्वामी के मुताबिक, AICTE से मान्यता प्राप्त तीन वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम पहले की तरह जारी रहेंगे। उनकी अवधि, मान्यता और शैक्षणिक संरचना में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
सरकार द्वारा निर्धारित फीस में भी कोई परिवर्तन नहीं होगा। इससे छात्रों और अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि एसबीटीईटी को दो डिवीजनों में पुनर्गठित किया जाएगा। पॉलिटेक्निक विंग CET के तहत एक अलग इकाई के रूप में काम करेगा।
मंत्री ने कहा कि पॉलिटेक्निक में प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षाएं, डिप्लोमा परीक्षाएं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां नई प्रशासनिक व्यवस्था के तहत पहले की तरह जारी रहेंगी।
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