जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में इंदौर से भोपाल तक छात्रों का उबाल
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षा सुधार की उठी मांग
इंदौर। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध की गूंज अब मध्य प्रदेश में भी तेज हो गई है। नीट पेपर लीक मामले को लेकर इंदौर के भंवरकुआं क्षेत्र में जारी छात्र आंदोलन मंगलवार को व्यापक जनसमर्थन के साथ बड़े विरोध प्रदर्शन में बदल गया। धरने के 22वें दिन तांत्या भील प्रतिमा के समीप एक हजार से अधिक छात्र, शिक्षक और नागरिक एकत्रित हुए। वहीं राजधानी भोपाल के शाहपुरा पार्क में लगातार दूसरे दिन कैंडल मार्च निकालकर छात्रों ने अपना विरोध दर्ज कराया।
भंवरकुआं बना आंदोलन का प्रमुख केंद्र
प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, नीट प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में धार, देवास, खरगोन सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र भंवरकुआं पहुंचने लगे हैं, जिससे आंदोलन का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने बढ़ाया हौसला
धरना स्थल पर स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने भी छात्रों के समर्थन में आगे आकर सहयोग किया। आसपास की कॉलोनियों के लोगों ने प्रदर्शनकारियों के लिए पानी, फल, बिस्किट और घर का बना भोजन उपलब्ध कराया। छात्रों ने इसे समाज के भरोसे और समर्थन का प्रतीक बताया।
दिवंगत छात्रों को श्रद्धांजलि, शिक्षा सुधार की मांग तेज
प्रदर्शन स्थल पर परीक्षा संबंधी तनाव के कारण जान गंवाने वाले 20 छात्रों की स्मृति में एक पोस्टर लगाया गया। इसके साथ ही दो छात्रों ने शिक्षा सुधार कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तस्वीर पर आधारित रंगोली बनाकर शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की आवश्यकता को रेखांकित किया।
पीजी छात्रा साक्षी बहेरिया ने कहा कि यह आंदोलन अब केवल कुछ छात्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हर उस अभ्यर्थी की आवाज बन गया है जो निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था चाहता है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों के समर्थन में उन्होंने स्वयं भोजन तैयार कर धरना स्थल पर पहुंचाया।
वहीं प्रदर्शनकारी छात्र हर्ष जैन ने कहा कि यह संघर्ष केवल व्यक्तिगत हितों के लिए नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और आम नागरिकों के सहयोग से आंदोलन को नई ऊर्जा मिली है।
यातायात प्रभावित, लेकिन छात्रों ने दिखाई जिम्मेदारी
प्रदर्शन के दौरान भंवरकुआं चौराहे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। हालांकि छात्रों ने स्वयं व्यवस्था संभालते हुए एम्बुलेंस और आवश्यक वाहनों के लिए रास्ता खाली कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह छात्र हितों पर आधारित है और इसका किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है।
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