CURATED BY – BHAGWAN DAS BERGI | CITYCHIEFNEWS

शाजापुर, राष्ट्रीय दृष्टिविहीनता निवारण समिति की भोपाल के निजी होटल में स्टेट कांफ्रेंस संपन्न हुई जिसमें शाजापुर के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। गतदिनोंं आयोजित कांफ्रेंस भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ नई दिल्ली के निदेशक अरुण तोमर के मुख्य आतिथ्य एवं संस्था के प्रदेश अध्यक्ष डॉ शरद पंडित की अध्यक्षता, प्रो डा यू एस तिवारी के विशिष्ट आतिथ्य में संपन्न हुई। स्वागत भाषण संस्था के कोषाध्यक्ष नागेश व्यास ने दिया। संस्था के प्रदेश सचिव अनिरुद्धसिंह सेंगर ने संस्था की गतिविधियों एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि संस्था द्वारा विद्यालयों में छात्रों का नेत्र परीक्षण करके चश्मों की जांच करना, बच्चों को नि:शुल्क चश्मे प्रदान करना। मलिन बस्तियों में नि:शुल्क नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित करना, वनवासी बस्तियों में नि:शुल्क नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित करना, वरिष्ठजनों एवं पेंशनर्स के लिए नि:शुल्क नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित करके नजदीक देखने के लिए नि:शुल्क चश्मे वितरित करना,  दृष्टिविहीनता दूर करने मोतियाबिंद ऑपरेशन करवाना, नेत्र सुरक्षा के प्रति आम जनमानस में जागृति पैदा करना, राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े का 25 अगस्त से 8 सितंबर तक आयोजन करना, बच्चों को नेत्रदान के संबंध में जानकारी देने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन करना महत्वपूर्ण कार्य हैं। वहीं मुख्य अतथि तोमर ने संस्था के कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि आप लोग समाज सेवा के पुनीत कार्य में लगे हुए हैं यही सच्ची मानव सेवा है। पीडि़त मानवता की सेवा करना ही सबसे बड़ा धर्म है। आप लोग दृष्टिविहीनता दूर करने प्रयासरत हैं। आपके इस पुनीत कार्य में मैं भी सहयोगी बनना चाहूंगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्था के प्रदेश अध्यक्ष डॉ शरद पंडित ने संस्था के विस्तार पर बल दिया। उन्होने कहा कि एनएसपीबी की सभी इकाईयों को सक्रिय होने की आवश्यकता है। साथ ही जिन जिलों में इकाईयां गठित नहीं हैं वहां गठन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विशिष्ट अतिथि प्रो डा यू एस तिवारी ने अपने उद्बोधन में कार्यक्रम की सफलता के लिए आयोजक टीम को धन्यवाद देते हुए कहा कि भविष्य में हम सब मिलकर समाज हित में कार्य करते रहें। इस दौरान प्रकाशित स्मारिका नयन का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में शाजापुर के जिलाध्यक्ष डॉ एआर खान ने अपने संबोधन में संस्थान को अधिक से अधिक नेत्र शिविर जनहित में लगाने के सुझाव दिए।