रिश्वतखोरी मामले में SP के एक्शन से मचा हड़कंप
कांस्टेबल निलंबित; इंस्पेक्टर लाइन हाजिर
वरीय एसपी शैलेश कुमार सिन्हा ने वाहन जांच अभियान के दौरान जब्त स्कॉर्पियो को छोड़ने के लिए दस हजार रुपये की डिमांड करने के मामले में नगर थाना में हवलदार सह वाहन चालक के पद पर तैनात रौशन कुमार को निलंबित कर दिया है। वहीं इंस्पेक्टर सह नगर थानाध्यक्ष कमलेश कुमार को स्पष्टीकरण जारी कर जवाब मांगा हैं।
साथ ही थानाध्यक्ष कमलेश कुमार को नगर थानाध्यक्ष के पद से हटाते हुए लाइन हाजिर कर दिया है। एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से शिवहर सर्किल इंस्पेक्टर रणधीर कुमार सिंह को नगर थानाध्यक्ष के पद पर तैनात भी कर दिया है। एसपी के इस त्वरित कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप है।
वाहन जांच अभियान में जब्त की स्कॉर्पियो
बताते चलें कि गुरुवार की रात नगर थाने की पुलिस शिवहर शहर में वाहन जांच अभियान चला रही थी। इसी बीच पूर्वी चंपारण जिले के पकड़ीदयाल थाने के हथिऔल निवासी उपेंद्र प्रसाद यादव स्कॉर्पियो से गुजर रहे थे। पुलिस टीम ने उनकी स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया और उसे लेकर नगर थाने चली गई।
स्कॉर्पियो छोड़ने के लिए 10 हजार रुपये मांगे
जब्त स्कॉर्पियो को छोड़ने के लिए हवलदार रौशन कुमार ने यादव से दस हजार रुपये की डिमांड की। रातभर वाहन छोड़ने के लिए खेल चला। हवलदार ने वाहन मालिक को धौंस भी दिखाई।
सुबह होते ही वाहन मालिक ने एसएसपी शैलेश कुमार सिन्हा से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। एसएसपी ने डीएसपी मुख्यालय को जांच की जिम्मेदारी सौंपी।
जांच में दोषी पाए गए हवलदार
डीएसपी मुख्यालय ने मामले की जांच की, जिसमें हवलदार को दोषी पाया। डीएसपी मुख्यालय की जांच रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने पहले हवलदार को निलंबित कर दिया।
वहीं पूरे घटना को लेकर नगर थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा। एसएसपी ने घटना के लिए नगर थानाध्यक्ष को जिम्मेदार मानते हुए उन्हें उनके पद से हटाकर लाइन हाजिर कर दिया है।
एसएसपी ने शिवहर के सर्किल इंस्पेक्टर रणधीर कुमार सिंह को नगर थानाध्यक्ष के पद पर तैनात कर दिया है। बताते चलें कि 21 फरवरी को ही कमलेश कुमार को नगर थानाध्यक्ष बनाया गया था। उन्होंने 24 फरवरी को नगर थानाध्यक्ष के पद पर योगदान दिया था। दस दिन के भीतर ही उन्हें इस पद से हटा दिया गया।