वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अपना लगातार सातवां बजट पेश करके इतिहास रच दिया. बजट में यूथ और स्टूडेंट्स के लिए कई ऐलान किए गए हैं, जिसमें से एक एजुकेशन लोन की सीमा को बढ़ाना भी है. घरेलू संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक के ऋण के लिए ई-वाउचर हर साल 1 लाख छात्रों को सीधे ऋण राशि के 3% की वार्षिक ब्याज छूट के लिए दिए जाएंगे.

-केंद्रीय बजट 2024-25 में हर साल 25,000 छात्रों की मदद के लिए मॉडल कौशल ऋण योजना में संशोधन का प्रस्ताव है.

-पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं को केंद्र सरकार एक महीने की सैलरी देगी. यह रकम 15 हज़ार रुपये तक होगी और तीन किस्तों में दी जाएगी. EPFO में रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है.

सबसे अधिक बार बजट पेश करने का रिकॉर्ड अब भी देसाई के नाम ही है, उन्होंने अंतरिम और यूनियन दोनों मिलाकर कुल 10 बजट पेश किए हैं. सीतारमण अगले महीने 65 वर्ष की हो जाएंगी. उन्हें 2019 में भारत की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री बनाया गया था. इसी साल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्र में लगातार दूसरी बार सरकार बनाई थी. तब से सीतारमण ने इस साल फरवरी में एक अंतरिम सहित लगातार छह बजट पेश किए हैं. वित्त वर्ष 2024-25 का पूर्ण बजट उनका लगातार सातवां बजट होगा.

स्वतंत्र भारत में बजट पेश करने से जुड़े तथ्य
स्वतंत्र भारत का पहला आम बजट 26 नवंबर, 1947 को देश के पहले वित्त मंत्री आर के शनमुखम चेट्टी ने पेश किया था.
पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और बाद में प्रधानमंत्री लाल बहादुर
शास्त्री के कार्यकाल में वित्त मंत्री के तौर पर कुल 10 बजट पेश किए हैं.
पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने नौ मौकों पर बजट पेश किया.
प्रणब मुखर्जी ने वित्त मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान आठ बजट पेश किए.
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 1991 से 1995 के बीच लगातार पांच बार बजट पेश किया, जब वह पी वी नरसिम्हा राव सरकार में वित्त मंत्री थे.

सबसे लंबा और छोटा भाषण

सबसे लंबा बजट भाषण सीतारमण ने एक फरवरी, 2020 को दो घंटे 40 मिनट का दिया. वर्ष 1977 में हीरूभाई मुलजीभाई पटेल का अंतरिम बजट भाषण अब तक का सबसे छोटा भाषण है, जिसमें केवल 800 शब्द हैं.