सोन की सुनहरी रेत ठेका कम्पनी को नुकसान
माफियाओ और शकुनि की चाँदी..
CURATED BY – MOHMMAD MUNEER | CITYCHIEFNEWS
शहडोल, शहडोल जिले में रेत खनन को लेकर तरह तरह की चर्चाओं का दौर जारी है जिनमे कायदे कानून के मुताबिक तय कागजी प्रक्रिया के बिना ही रेत खदानों का संचालन सुरु करते हुए टीपी जारी कर दी है, शहडोल के खनिज, राजस्व एवं पुलिस विभाग की चौकसी को लेकर भी सवाल उठाये जा रहे है, जिसमे सीधे तौर पर जिले के नागरिको का कहना है एक अदद सीट बेल्ट और हेलमेट को लेकर पुलिस की जागरूकता और दंड प्रक्रिया के साथ साथ कायदे कानून को तोड़कर रेत के अवैध खनन और ओवर लोड परिवहन को लेकर पुलिसिया सजगता जाने कहा चली जाती है, मुर्दे भंडारण का आवेदन देते है, माफ़िया पटवारी और एएसआई को मौत के घाट उतार देते है, मानो न मानो यहाँ फिर वही कहावत चरितार्थ होती नज़र आने वाली बात सही है अमीरो पर रहम गरीबो पर सितम ए जाने वफ़ा यह जुल्म न कर, सूत्र बताते है की हर दिन 8 से 15 लाख रूपए की रेत की चोरी बदस्तूर हो रही है, सरकारी राजस्व का नुकसान प्रशासनिक अफसरों की निगहबानी में होना लाजिमी है सवाल उठाये जायेगे, मामले में खनिज मामले में खबर यह भी है जिले की रेत खदानों की जिम्मेदारी उठाने वाले केवल टोल बैरियल मामलो में महारथी है और रेत कारोबार में ठेका कम्पनी के मालिक अग्रवाल बंधुओ को माफिया और कम्पनी के जिम्मेदार सिंडिकेट भूमिका में लगतार चुना लगा रहे है, अब देखना यह है की कंपनी और राजस्व का दो तरफा मुनाफा आखिर उत्तम तरकीब से आखिर किसकी जेब भर रहा है, लेकिन सबसे बड़ा मुद्दा यह भी है की जिम्मेदारों को पता सब है लेकिन न ही दस्तावेज तालाब किये जा रहे है नाही ओवरलोडिंग पर अंकुश लगाया जा रहा है, प्रदेश के मुखिया को अगर इस गाला मठा की जानकारी हुई तो मान लेना प्रशासनिक अफसाओ की खैर नही l