नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन अब तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। लगातार उपवास के चलते उनकी शारीरिक कमजोरी बढ़ने और वजन में लगातार गिरावट आने के बाद उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी स्वास्थ्य अपडेट के अनुसार उनकी मेडिकल रिपोर्ट फिलहाल सामान्य हैं, लेकिन लंबे समय तक भोजन नहीं करने के कारण शरीर में कुछ हल्के शारीरिक बदलाव दर्ज किए गए हैं। इसी को देखते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है।

डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा उपचार

अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, सोनम वांगचुक को आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है, हालांकि लंबे समय से जारी अनशन का प्रभाव शरीर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। एहतियात के तौर पर उन्हें अस्पताल में भर्ती रखकर नियमित जांच और उपचार किया जा रहा है, ताकि किसी भी संभावित जटिल स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

‘संसद चलो’ मार्च को नहीं मिली अनुमति

इस बीच, वांगचुक के समर्थन में 20 जुलाई को प्रस्तावित ‘संसद चलो’ मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस का कहना है कि संसद परिसर देश के सबसे संवेदनशील सुरक्षा क्षेत्रों में शामिल है और वहां बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से सुरक्षा व्यवस्था और यातायात दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मार्च के आयोजकों ने न तो इसके लिए कोई औपचारिक आवेदन प्रस्तुत किया और न ही अनुमति प्राप्त की। पुलिस का यह भी कहना है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति केवल एक दिन के लिए दी गई थी, जबकि बाद में बिना नई स्वीकृति के धरना जारी रखा गया। ऐसे में वर्तमान प्रदर्शन को भी निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं माना जा रहा है।

आंदोलन को मिल रहा विभिन्न संगठनों का समर्थन

दूसरी ओर, सोनम वांगचुक के आंदोलन को कई सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों का समर्थन प्राप्त हो रहा है। समर्थकों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज करा रहे हैं। उनका तर्क है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और इसी उद्देश्य से ‘संसद चलो’ मार्च की तैयारी की गई थी।

हाईकोर्ट के निर्देश पर अस्पताल में भर्ती

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को गंभीर मानते हुए प्रशासन को निर्देश दिया था कि उनकी नियमित मेडिकल जांच सुनिश्चित की जाए और आवश्यकता पड़ने पर समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए। अदालत के निर्देशों के बाद ही उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कर विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया।

आंदोलन और स्वास्थ्य, दोनों पर बनी हुई है नजर

फिलहाल एक ओर अस्पताल में सोनम वांगचुक का उपचार जारी है, वहीं दूसरी ओर उनके आंदोलन और प्रस्तावित ‘संसद चलो’ मार्च को लेकर प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। आने वाले दिनों में उनकी स्वास्थ्य स्थिति और आंदोलन की दिशा पर सभी की नजर रहेगी।