CURATED BY – SHRINIWAS MISHRA | CITYCHIEFNEWS

मैहर, कहा जाता है कि मैहर मां शारदा की पावन नगरी में किसी भी तरह का अन्याय होना संभव ही नहीं है, लेकिन मां शारदा के चरणों के नीचे बैठकर मैहर नगर परिषद का राजस्व अमला इन दिनों "राम नाम जपना पराया माल अपना" की तर्ज पर काम कर रहा है। जहां देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर देने वाले सैनिक दिन-रात देश की सेवा कर रहे हैं, तो वहीं उनके हक व हिस्से की मिलने वाली दुकानों पर मैहर नगर परिषद के कर्मचारी व अधिकारी की मिलीभगत से दलालों का कब्जा हो रहा है। इसी तरह के प्रकरण को लेकर आए दिन न्याय के लिए अपनी आवाज बुलंद करने वाले आरटीआई एक्टिविस्ट एवं सामाजिक कार्यकर्ता उदयभान चतुर्वेदी ने मैहर क्षेत्र अंतर्गत जेल रोड में स्थित सैनिक कोटा की आरक्षित दुकानों के नामांतरण/हस्तातरण की जांच व दोषी कर्मचारी के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करवाए जाने की मांग का पत्र नगरीय प्रशासन मंत्री, प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन, मैहर विधायक, कलेक्टर मैहर, लोकायुक्त एसपी रीवा एवं सीएमओ मैहर को संप्रेषित किया है।

आखिर क्या है मामला आरटीआई एक्टिविस्ट उदयभान चतुर्वेदी ने बताया कि मैहर की जेल रोड स्थित स्टेडियम के दुकान क्रमांक 25 सैनिक कोटा के नाम से 15 वर्ष पहले निविदा व निष्पादित अनुबंध के शर्तों के अनुसार आरक्षित की गई थी। यह दुकान अवधेश सेन डब्लू को अन्य बाहरी तत्वों के साथ मिलकर फर्जी बरसाना, फर्जी दस्तावेजो को लगाकर संबंधित राजस्व शाखा के लिपिक, सहायक राजस्व अधिकारी, संबंधित राजस्व अधिकारी के द्वारा बड़ी रकम का लेन देन कर जेल रोड में स्थित दुकान क्रमांक 25 एवं अन्य सैनिक कोटे की दुकान को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर व CMO नगर पालिका मैहर को गुमराह कर नामातंरण करा लिया गया है तथा इसे नगर पालिका अध्यक्ष एवं परिषद सदस्यों को गुमराह कर परिषद में नियम विरुद्ध रखे जाने की तैयारी की जा रही है। जेल रोड की समस्त दुकानों के मालिकों द्वारा अनुबंध के शर्तों के विपरीत जाकर दुकान किराये पर किराएदार को दिये गये हैं और दुकानदारों से प्रतिमाह मोटी रकम ली जा रही है। ऐसे दुकानदारों के विरुद्ध नगर पालिका के राजस्व शाखा द्वारा कार्यवाही नहीं की गई जिससे राजस्व शाखा का समस्त स्टाफ प्रथम दृष्टा आरोपी प्रमाणित हो रहे हैं। उक्त संबंध की जेल रोड स्थित दुकान क्रमांक 25 एवं अन्य दुकानों में सैनिक कोटे की दुकानों के नामातंरण, हस्तांतरण व बटवारे में उक्त संबंधित समस्त पदाधिकारियों द्वारा व्यापक रूप में अनियमितता एवं गड़बड़ी कर अपने चहेते लोगों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियम विरुद्ध सैनिक कोटे की दुकाने निजी स्वयं हेतु आवंटित कराई गई है। सैनिक कोटे की जेल रोड की दुकान क्रमांक 25 एवं अन्य दुकानों के संधारित नस्ती व 15 वर्ष पूर्व में संधारित नस्ती अनुबंध की जांच की जाये जिससे आरोप प्रमाणित पाया जायेगा तथा संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कराते हुए कठोर कार्यवाही की मांग आरटीआई एक्टिविस्ट व सामाजिक कार्यकर्ता उदयभान चतुर्वेदी ने की है।