राजनीतिक संरक्षण के बीच सोन की सुनहरी रेत तस्करी
दो-दो अफसरों को माफिया ने रौदा, एसडीओपी को हाईकोर्ट की फटकार
CURATED BY – MOHMMAD MUNEER | CITYCHIEFNEWS
शहडोल, जितने भी क़ायदे-कानून इंसानी जान बचने एवं इलाके में शांति पूर्ण माहौल बनाये रखने के लिए मौजूदा समय में है उससे भले ही देश में अराजकता और विद्रोह वाली स्थिति पूर्ण नियंत्रित हो लेकिन आदिवासी बाहुल्य अंचल में एसडीओपी की पदस्थापना के बाद से ही इलाके में अपराध और अपराधियों के हौसले इस कदर बढ़े हुए है कि इस आदिवासी अंचल शहडोल के ब्योहारी में आपराधिक घटना में इजाफा हो रहा है, जिसको लेकर अब स्थानीय नागरिको की जनचर्चा एसडीओपी के सुशासन पर सवालिया निशान लगाना शुरू कर दिया है। की साहेब रेत मामले में अनदेखी करते हुए लाला, गोल्दु सहित आधा दर्जन लोगो को अवैध रेत खनन करने की छूट दी गई है। जो माननीय के खास है पटवारी हत्या के बाद माननीय के इशारे में ही सूबे के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव की उस घोषणा को चुनौती दी गयी जिसमे कहा गया था माफियाओ को बक्शा नही जाएगा, एसपी कलेक्टर बदले जाएगे, जिले का हर जिम्मेदार अफसर की जाँच एसआईटी करेगी, जिम्मेदारों की ख़बर ली जायगी। बेक़सूर पटवारी और एएसआई के हत्या के पीछे जो भी जिम्मेदार है बक्शा नही जाएगा, लेकिन ब्योहारी पुलिस ने सहकर ग्लोबल लिमिटेड के जीएम उत्तम शर्मा को हत्या मामले में सह आरोपी बनाने की जगह बिना रायल्टी और लीज एरिया से बाहर रेत उत्खनन ममले में दोषी मानते हुए मामला दर्ज करते हुए इतिश्री कर ली।
अवैध खनन और बारूदी धमाका.....
सूत्रों की माने तो यहाँ अपराध और अपराधियों में मन मुताबिक प्रीपेड सुविधा प्रदान कर दी गई है, जिसके बाद यहाँ आदिवासी, ग्रामीण, किसान चोर करार दिया जाता है तो वही अपराधी को साहूकार का टैग, दरअसल मामले में पड़ताल के बाद तो तथ्य निकल कर सामने आ रहे है उससे यह पता चलता है कि स्थानीय संचालित क्रेशर में पत्थरो कि आपूर्ति के लिए बढ़े पैमाने में बारूद का इस्तेमाल कर ग्रामीण इलाके में दहशत फैलाई जा रही है, और यह दहशत पूरे निर्वाचन के दौरान फैलाई गयी, मीडिया में प्रकाशित समाचार इस बात कि गवाही भी दे चुके है लेकिन मजाल है अवैध रूप से ब्लॉस्टिंग का किसी जिम्मेदार अफसर ने कार्यवाही में कोई यंत्र जप्त किया या कोई मामला दर्ज किया गया हो, बस इसी तर्ज पर रेत खनन मामले में एसडीओपी कार्यालय के सामने से गुजरते रेत लादे भारी भरकम वाहन से लगातार टपकता पानी यूँ नजर अंदाज किया जा रहा है जैसे रेत की गुजरती गाड़ियों की तरफ देखना भी अपराध है, उधर रेत माफियाओ को मिली छूट के चलते ही बुढ़वा गोपालपुर अंतर्गत प्रसन्ना सिंह नामक पटवारी को रेत माफियाओ ने बड़ी बेरहमी से ट्रेक्टर से कुचल कर मारडाला, यह सब तब हुआ जब बुढ़वा के एक नेता और एसडीओपी के बीच रेत के धंधेबाजी का ऑडियो वायरल हुआ हालांकि राजएक्सप्रेस उस कथित ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है, लेकिन इस ऑडियो वायरल होने के बाद ही पटवारी की हत्या मामले में प्रशासनिक अफसरों का गैर जिम्मेदाराना रवैया आखिर किस दबाव में अपनाया गया समझ से परे है।
सीएम से बड़ा हुआ माननीय का कद......
गौरतलब होकि एक खबर के मुताबिक रेत मामले में माननीय विधायकी पाते ही अवैध रेत खनन को रोकने दल बल के साथ नदी घाट पहुंच इस तरह सक्रिय हुए की आज दिनांक तक माननीय का रेत के इस खूनी खेल में न ही कोई बयान आया नाही माननीय पटवारी के परिजनों ढाढस बंधाने पहुंचे हालांकि उस समय का लोगो में स्थानीय प्रशासन और स्थानीय विधायक के प्रति आक्रोश था संभवतः डर के चलते परिजनों के आंसू माननीय पोछने नाही पहुंचे जबकि हजार किलोमीटर दूर बैठे पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने शहडोल के पडोसी जिले की एक घटनाक्रम में ससम्मान दशमत नामक ब्यक्ति के पैर भी धोए, सम्भवतः माननीय विधायक रेत के खेल में आज सीएम शिवराज सिंह से भी बढ़े कद के नेता बनकर तैयार है। और अब वो ना मीडिया की सुनते और नाही मुख्यमंत्री की।
इस तरह मिले अवैध उत्खनन के प्रमाण.....
यहाँ पटवारी की हत्या के बाद माफियाओ का बढ़ता हौसला और आपराधिक घटनाओ का सिलसिला पुलिस को भी निशाना बनाने से नही चुके, एएसआई महेंद्र बागरी को बीते 04 मई ठीक उसी तरह ट्रेक्टर से कुचलकर मौत के घाट उतर दिया गया, अब दो-दो मौत के बावजूद न ही अवैध रेत खनन में रोक लगी नही अवैध रेत खनन के पीछे माफियाओ के नेटवर्क को ध्वस्त करने कोई प्रभावी कदम उठाया गया, राज एक्सप्रेस की पड़ताल के मुताबिक़ घटनाक्रम के ठीक 04 दिनों में 24 हाइवा जप्त कर ग्राम बुडवा, सथनी में सोन घड़ियाल अभयारण्य क्षेत्र से रेत उत्खनन कर भंडारण करने वालो के विरुद्ध 03 अलग- अलग स्थानों पर अवैध रेत भंडारण के प्रकरण पंजीबद्ध किए गए है।
सीएम को माननीय और अफसर दे रहे गच्चा...
दरअसल पटवारी हत्या के बाद सीएम ने भरे मंच सी शहडोल में लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा सरकार की हो रही किरकिरी के लिए तत्काल एक्शन मोड में आते हुए तल्ख़ जुबानी में कहा बदले जाएगे एसपी कलेक्टर, चुकी विधानसभा चुनाव के दौरान तबादला आसान नही था, अब सीएम के बयान के बाद एक बार फिर मुख्यमंत्री के आँखों में धूल झोकने का प्रयास में आनन फानन हुई कार्यवाही में रेत ठेका कंपनी के जनरल मैनेजर के द्वारा स्वीकृत खदान से अवैध रूप से बिना रायल्टी पर्ची एवं वैध दस्तावेजों के ट्रक में रेत लोड कर विक्रय कर अवैध लाभ अर्जित किया जाता प्रमाणित करते हुए एफआईआर दर्ज है। पुलिस द्वारा हाईवा ट्रक क्रमांक एमपी 19 जेडएफ 8119 मय रेत लोड कीमती करीब 10 लाख रुपये को जब्त कर वाहन चालक गोविंद प्रजापति, वाहन स्वामी पीयूष सिंह बघेल निवासी जिला सतना एवं जनरल मैनेजर उत्तम शर्मा, पौड़ी खदान ब्यौहारी के विरूद्ध धारा 379, 414 भादवि एवं 4, 21 खनिज अधिनियम के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। लेकिन हुए हत्याकांड में सह आरोपी नही बनाया गया। इसी मामले को लेकर प्रशासनिक अफसरों की अच्छी खासी किरकिरी हो रही है।
प्रतिक्रिया....
मामले में चरकवाह, बोड़डीहा में लीज से बढ़कर खनन मामले में िस्थानीय प्रशासन, जिला प्रशासन सहित माननीय मुख्यमंत्री, माननीय राज्यपाल, माननीय राष्ट्रपति को ज्ञापन सौपा है की आदिवासी ग्रामीण किसानो के खेत प्रभावित हो रहे है जानवरो का निस्तारण मुश्किल हो रहा है मैंने विधानसभा चुनाव लड़ा है 21 हजार मतदाताओं का विश्वास मुझ पर है इसलिए उनके अस्तित्व पर मड़राता रेत माफियाओ का कहर देखा नही जाता, अवैध उत्खनन मामले में तत्कालीन विधायक चुप्पी मार बैठे है, प्रशासन को जनता हित का ध्यान रखना चाहिए। वरना आदिवासी कहा जायेगा, पटवारी, एएसआई की हत्या के पीछे हाई प्रोफाइल लोगो का हाँथ है, सबके काल डिटेल निकली जाये। एसआईटी जाँच में ही खुलासा होगा हम जल्द ही मुख्यमंत्री से एसआईटी जाँच की मांग करेंगे ।
पुरुषोत्तम मरावी, विधानसभा प्रत्याशी
ब्योहारी विधानसभा, शहडोल
मैं कोई लाइव या वीडियो बाईट नही दूंगा इतना तो दिया बाईट, आपने बताया है मैं दिखवाता हु, वैसे सहकार ग्लोबल घाटे में चल रही है, आपको क्या पता पटवारी हत्या के पहले उनका करोडो रूपए जमा होता था अब डाउन हुआ है सब प्रभावित है
देवेंद्र पटले, खनिज ऑफिसर
जिला खनिज विभाग, शहडोल
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