धार में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण का छटवा दिवस आज
दिखाया गया रुक्मणी हरण से लेकर भगवान श्री कृष्ण के विवाह तक
CURATED BY – NAVIN MEHAR | CITYCHIEFNEWS
धार, स्थानीय श्री सांवरिया सेठ मंदिर में 18 महापुराण समिति के तत्वावधान में आयोजित की जा रही श्रीमद् भागवत महापुराण के छटवे दिवस में आज व्यास पीठ पर विराजित पंडित रमाकांत व्यास के द्वारा भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाएं और गोवर्धन पूजा के प्रसंग को विस्तार से सुनाया गया कथा में गोवर्धन पर्वत की कृत्रिम आकृति झांकी के माध्यम से दर्शित की गई भगवान श्री सांवरिया सेठ को छप्पन भोग लगाए गए पंडित व्यास ने बताया कि भगवान श्री कृष्ण के पृथ्वी पर धर्म और सत्य की स्थापना के लिए द्वापर युग में अवतार लिया उन्होंने बाल्यावस्था में ही काली नाग का मर्दन करके यमुना जी को पवित्र किया पुतना एवं बकासुर जैसी मायावी शक्तियों का अंत किया कंस मामा का वध करके अपने माता-पिता देवकी व वासुदेव और महाराज अग्रसेन को कारागार से मुक्त कराया।
इसके पश्चात आज कथा में रुक्मणी हरण एवं भगवान श्री कृष्ण के विवाह के प्रसंग को विस्तार से बताते हुए व्यास पीठ पर विराजित पंडित व्यास ने बताया कि रुक्मणी जी का शिशुपाल से उनकी इच्छा के बिना विवाह करने के लिए उनके भाई के द्वारा मजबूर किया गया था रुक्मणी जी से उनकी इच्छा भी नहीं पूछी गई थी कि वह किससे शादी करना चाहती है उस युग मे लड़की के विवाह हेतु स्वयंवर आयोजित किया जाता था ताकि वह अपना जीवन बिताने वाले संगी को खुद चुन सके। भगवान श्री कृष्णा चाहते थे कि किसी भी लड़की का विवाह उसकी सहमति की बिना किसी अन्य से नहीं हो भगवान सब कुछ जानते हैं उन्हें पता था कि भविष्य में क्या होने वाला है इसलिए वह पांडवों के लिए सबसे बड़ा विरोध नहीं बनना चाहते थे इसलिए वे भी रुक्मणी से शादी करने आए भगवान श्री कृष्ण ने रुक्मणी का हरण किया क्योंकि रुक्मणी जी के बड़े भाई जबरदस्ती उनका विवाह शिशुपाल से करवाना चाहते थे लेकिन रुक्मणी जी तो अन्यन्य रूप से भगवान श्री कृष्ण से प्रेम करती थी और जब भगवान श्री कृष्ण को यह पता चला तो भगवान कृष्ण ने रुक्मणी जी को हरण कर उनसे शादी कर ली।
आज जैसे ही खचाखच भरे कथा पंडाल में भगवान श्री कृष्णा का वेश धारण कर आए अतुल पांडे ने मंदिर में रुक्मणी जी का हाथ पकड़ कर उनका हरण करने के लिए आए मंदिर में उपस्थित भक्तगणों में तालिया की गड़गड़ाहट से भगवान श्री कृष्णा और रुक्मणी जी का अभिवादन कर पुष्प बरसाए और जैसे ही रुक्मणी जी का हरण कर भगवान श्री कृष्णा का विवाह रचाया गया तो मंदिर पर ढोल ताशे एवं पटाखे की गूंज से पूरा मंदिर प्रांगण धर्ममयी होकर लोग ढोल और ताशे पर मधुर नाच गान करने लगे हाल में बैठे सभी लोगों को भाव विभोर कर दिया। कल कथा का समापन दिवस है जिसमें व्यास पीठ पर विराजीत पंडित व्यास के द्वारा श्री सुदामा चरित्र के बारे में विस्तार से कथा होगी । 18 महापुराण समिति के अध्यक्ष स्वयं प्रकाश सोनी ने धर्म प्रेमी जनता से निवेदन किया कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त करें। उक्त जानकारी 18 महापुराण समिति प्रमुख अशोक मनोहर जोशी एवं डॉ अशोक शास्त्री के द्वारा संयुक्त रूप से दी गई।