AI-171 विमान हादसे की जांच में अहम प्रगति
हर तकनीकी और मानवीय पहलू की गहन पड़ताल जारी: AAIB
नई दिल्ली। अहमदाबाद में एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के भीषण विमान हादसे की जांच कर रहे एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने जांच में महत्वपूर्ण प्रगति होने की जानकारी दी है। ब्यूरो का कहना है कि विमान की तकनीकी प्रणालियों, फ्लाइट रिकॉर्डर से प्राप्त डेटा, इंजन संबंधी उपकरणों और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों के विश्लेषण में उल्लेखनीय सफलता हासिल हुई है।
शुक्रवार को जारी अपने अंतरिम बयान में AAIB ने बताया कि बीते एक वर्ष के दौरान जांच दल ने दुर्घटना से जुड़े सभी तकनीकी, परिचालन, संगठनात्मक और मानवीय पहलुओं की व्यापक और गहन जांच की है। इस प्रक्रिया में विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के मान्यता प्राप्त प्रतिनिधियों, तकनीकी सलाहकारों और विषय विशेषज्ञों का सहयोग भी लिया गया।
तकनीकी साक्ष्यों की बारीकी से हो रही जांच
ब्यूरो के अनुसार विमान की तकनीकी प्रणालियों, फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर, इंजन से जुड़े उपकरणों, रखरखाव अभिलेखों, संचालन संबंधी दस्तावेजों तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों का विस्तृत परीक्षण किया गया है। अब तक एकत्रित किए गए सबूतों और विभिन्न तकनीकी परीक्षणों के परिणामों का समग्र विश्लेषण जारी है।
AAIB ने स्पष्ट किया कि जहां आवश्यकता होगी, वहां अतिरिक्त तकनीकी मूल्यांकन और विशेषज्ञ स्तर की जांच भी कराई जाएगी, ताकि अंतिम निष्कर्ष पूरी तरह वैज्ञानिक विश्लेषण और प्रमाणित साक्ष्यों पर आधारित हों।
हादसे में गई थीं 260 लोगों की जान
गौरतलब है कि एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 12 जून 2025 को अहमदाबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। बोइंग 787-8 विमान से जुड़े इस हादसे में 229 यात्रियों, 12 चालक दल के सदस्यों तथा जमीन पर मौजूद 19 लोगों सहित कुल 260 लोगों की मृत्यु हो गई थी। यह देश के हालिया विमानन इतिहास की सबसे गंभीर दुर्घटनाओं में से एक मानी जाती है।
निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित जांच के लिए प्रतिबद्ध
AAIB ने दोहराया कि वह निष्पक्ष, स्वतंत्र, वस्तुनिष्ठ और साक्ष्य-आधारित जांच के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अंतिम जांच रिपोर्ट सभी आवश्यक प्रक्रियाओं के पूर्ण होने तथा अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के एनेक्स-13 के तहत निर्धारित समीक्षा और परामर्श प्रक्रिया संपन्न होने के बाद जारी की जाएगी।
ब्यूरो ने हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों, चालक दल के सदस्यों और अन्य मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि वह इस दुर्घटना से प्रभावित सभी लोगों के दर्द और क्षति को समझता है।
जांच का उद्देश्य जिम्मेदारी तय करना नहीं
AAIB ने स्पष्ट किया कि यह जांच विमान दुर्घटना एवं घटना जांच नियम, 2017 तथा ICAO एनेक्स-13 में निर्धारित अंतरराष्ट्रीय मानकों और दिशानिर्देशों के अनुरूप की जा रही है। दुर्घटना की प्रारंभिक रिपोर्ट 12 जुलाई 2025 को जारी की जा चुकी है।
ब्यूरो ने कहा कि किसी भी विमान दुर्घटना जांच का मूल उद्देश्य दोष निर्धारित करना या कानूनी जिम्मेदारी तय करना नहीं होता, बल्कि दुर्घटना के कारणों को समझकर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना और विमानन सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाना होता है।
अटकलों से बचने की अपील
AAIB ने मीडिया और आम जनता से अपील की है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने से पहले किसी भी प्रकार के अनुमान या जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने से बचें। ब्यूरो ने भरोसा दिलाया कि दुर्घटना के प्रत्येक पहलू की गंभीरता और निष्पक्षता के साथ जांच की जा रही है, ताकि अंतिम रिपोर्ट और सुरक्षा संबंधी सिफारिशें विमानन क्षेत्र में भरोसा बढ़ाने और नागरिक उड्डयन सुरक्षा को मजबूत करने में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
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