CURATED BY – NAVIN MEHAR | CITYCHIEFNEWS

धार, धार स्थानीय त्रिमूर्ति नगर स्तिथ श्री सांवरिया सेठ मंदिर पर 18 महापुराण समिति द्वारा आयोजित पुराणों की श्रंखला में पंचम महापुराण श्रीमद भागवत महापुराण में आज व्यास पीठ पर विराजित प्रसिद्ध भागवताचार्य पंडित रमाकांत व्यास के मुख से  धुव्र चरित्र के बारे में बताते हुए कहा कि भगवान को प्राप्त करने की कोई उम्र नहीं होती है ध्रुव ने अपने मन में दृढ़ संकल्प कर लिया था कि मुझे भगवान को प्राप्त करना है और उसी संकल्प को ध्यान में रखते हुए वनवास में तपस्या करते हुए भगवान को प्राप्त किया।इसके पश्चात अजामिल की कथा और हिरन्यकश्यप के वध की कथा विस्तार से बताए हुवे भक्त प्रह्लाद का जीवन चरित्र विस्तार से समझाया।
व्यासपीठ पर विराजित पंडित श्री रमाकांत व्यास ने जब भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के बारे में विस्तार पूर्वक कथा सुनाई तो मंदिर के हाल में बैठे धर्म प्रेमी लोगो ने तालियों की गड़गड़ाहट में पूरा हाल गुंजायमान कर दिया ।श्रीकृष्ण जन्म की कथा का वर्णन करते हुए महाराज ने बताया कि कंस की कारागार में वासुदेव- देवकी के भादो मास की अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। उनका लालन-पालन नंदबाबा के घर में हुआ था। इसलिए नंदगांव में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है ।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के समय व्यास पीठ के समक्ष  माखन मिश्री से भरी हांडी फोड़ी गई व्यासपीठ से पंडित जी ने भक्तों ने जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में कथा श्रवण कर भक्तों को प्रसाद स्वरूप ड्राई फ्रूट,सिक्के, चॉकलेट से भरी थैलियों का वितरण किया जन्मोत्सव के समय मंदिर पर उपस्थित नन्हे मुन्हे बच्चो को छोटे छोटे खिलौने वितरित किये गए ।
   जैसे ही मंदिर सभाकक्ष  में बाबा नंद और यशोदा मैया नन्हे श्रीकृष्ण को टोकनी में लेकर हाल में प्रविष्ट हुवे पूरे हाल में उपस्थित धर्म प्रेमी लोगो ने करतल ध्वनि से भगवान श्रीकृष्ण का स्वागत करते हुवे गुलाब के पुष्पों की वर्षा की । पूरा हाल नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल के जयकारों से गुंजायमान हो गया । बाबा नंद का वेश 18 महापुराण समिति प्रमुख अशोक मनोहर जोशी तथा माता यशोदा का वेश श्रीमती सोनिया अशोक जोशी के द्वारा किया गया ।
उक्त जानकारी 18 महापुराण समिति के अध्यक्ष स्वयं प्रकाश सोनी एवं सदस्य डॉ अशोक शास्त्री के द्वारा देते हुवे बताया कि सांवरिया सेठ में चल रही कथा का समापन 25 नवम्बर को होगा ,इसलिए कार्तिक मास के इस पुनीत अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त करें।