ग्वालियर में मां की आंख में मिर्च झोंक कर छह साल के बेटे शिवाय के मामले में शनिवार देर रात अपहरणकर्ताओं को पुलिस ने मुरैना के माता बसईया इलाके में घेर लिया। खुद को घिरा पाकर बदमाशों ने पुलिस पर गोली चलाई, जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। जिसमें दो आरोपी गोली लगने से घायल होने के बाद पकड़े गए हैं। बदमाशों की पहचान मुरैना के जिगनी निवासी राहुल गुर्जर और बंटी गुर्जर के रूप में हुई है। राहुल बंटी के साथ चार लोग इस वारदात में शामिल थे। इनके दो साथियों की तलाश की जा रही है।

गोली लगने के बाद घायलों को मुरैना जिला अस्पताल लाया गया है। पकड़े गए बदमाशों ने खुलासा किया है कि उनका शिवाय गुप्ता के मामा से बिजनेस के लेनदेन को लेकर विवाद था। अब ग्वालियर पुलिस इनसे डिटेल में पूछताछ करेगी। पुलिस ने डिटेल खंगालनी शुरू कर दी है कि ग्वालियर और मुरैना में पिछले पांच साल में लाल रंग की कितनी अपाचे आरटीओ में रजिस्टर्ड हुई हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि हाल ही में लाल रंग की अपाचे किन-किन थाना क्षेत्र से चोरी हुई हैं।

पुलिस को यह भी आशंका है कि अपहरणकर्ता पेशेवर हैं तो उन्होंने वारदात में चोरी के वाहन का उपयोग किया है। आपको बता दें ग्वालियर में 13 फरवरी की सुबह 8.10 बजे लाल बाइक पर सवार दो बदमाश मां की आंख में मिर्च डालकर 6 साल के मासूम शिवाय गुप्ता का अपहरण कर ले गए थे। इस मामले पर सीधे प्रदेश के मुखिया सीएम डॉ. मोहन यादव व प्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना की नजर है।यही कारण है कि एसआईटी बनाकर बदमाशों की तलाश में लगाई गई है।

इसके अलावा आठ अलग-अलग टीम ग्वालियर से मुरैना के बीच बदमाशों की तलाश में लगी हैं। 50 से ज्यादा तेज तर्रार पुलिसकर्मी व अफसर बदमाशों की तलाश में लगे हैं। एसआईटी सहित अन्य पुलिस टीम से सीधे आईजी ग्वालियर अरविंद सक्सेना, एसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह बात कर रहे हैं। इधर शिवाय गुप्ता के अपहरण के मामले में 4 आरोपियों के नाम सामने आ गए हैं। शनिवार रात को जिगनी निवासी 2 आरोपी राहुल गुर्जर और बंटी गुर्जर के मुरैना कोतवाली में सरेंडर की खबर सामने आई है। दरअसल 17 फरवरी को सीएम डॉ. मोहन यादव को मुरैना आना है।उससे पहले मुरैना पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने में जुटी रही।

अपहरण से मुक्त हुए मासूम शिवाय ने बताया कि दो बदमाश उसे लेकर गए थे। उनका एक साथी उस मकान में था, जहां उसे रखा गया था और वह अंकल किसी से मोबाइल पर बातचीत कर रहे थे। तीनों बदमाश उसे बांधने के बाद उससे कुछ दूर जाकर बात कर रहे थे, जो सुनाई नहीं दे रही थी।जब भी वह उसके पास आते और उसे डराते थे, जिससे उसकी आवाज भी नहीं निकल पा रही थी। दोनों अंकल के साथ तीसरे अंकल भी चेहरा नकाब में छिपाए हुए थे। उन तीनों के अलावा मकान के अंदर और कोई भी नहीं था।