नई दिल्ली, दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को सोमवार को कोर्ट से झटका लगा है. राऊज एवेन्यू कोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए डॉक्टर से नियमित मुलाकात और इंसुलिन मुहैया कराने की दिल्ली के सीएम की याचिका खारिज कर दी है.

अदालत ने एम्स को अरविंद केजरीवाल की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया. एम्स का पैनल ये तय करेगा कि आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को इंसुलिन दी जाए या नहीं.

कोर्ट ने दिया ये निर्देश
कोर्ट ने निर्देश दिया कि अपेक्षित चिकित्सा उपचार प्रदान किया जाना चाहिए और किसी विशेष परामर्श की आवश्यकता के मामले में जेल अधिकारी एम्स निदेशक द्वारा गठित एक मेडिकल बोर्ड को नियुक्त करेंगे जिसमें एक एंडोक्राइनोलॉजिस्ट और एक मधुमेह विशेषज्ञ शामिल होंगे.

अदालत ने कहा कि मेडिकल बोर्ड एक निर्धारित आहार और एक व्यायाम योजना पर भी निर्णय लेगा जिसका पालन किया जाना चाहिए. सीबीआई और ईडी मामलों की विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने ये फैसला सुनाया है.

‘जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अभी केजरीवाल को अपने डॉक्टर से परामर्श की इजाजत नहीं मिलेगी. तिहाड़ जेल अथॉरिटी की जिम्मेदारी होगी कि अरविंद केजरीवाल को जेल के अंदर जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए. उनकी सेहत का पूरा ख्याल रखा जाए. जब जब जरूरत होगी, तब मेडिकल बोर्ड अरविंद केजरीवाल से व्यक्तिगत रूप से जेल में मिलकर उनकी जांच कर सकता है.

‘घर से बना खाना मिलता रहेगा’
कोर्ट ने कहा कि अभी केजरीवाल को घर से बना खाना मिलता रहेगा, लेकिन ये खाना उनके प्राइवेट डॉक्टर के डाइट चार्ट और 1 अप्रैल को दिए आदेश के मुताबिक होगा. बाद में उनका खाना मेडिकल बोर्ड की तरफ से सुझाए गए डाइट प्लान के अनुसार होना चाहिए.

‘केजरीवाल इसका पालन नहीं करते तो कोर्ट को बताएं’
जेल अथॉरिटी सुनिश्चित करेगी कि केजरीवाल का मिलने वाला खाना डॉक्टरों की सलाह के मुताबिक ही हो. अगर केजरीवाल इसका पालन नहीं करते तो जेल अथॉरिटी इसे तुरंत कोर्ट के संज्ञान में लाएगी. एम्स का मेडिकल बोर्ड जल्द से जल्द कोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंपेगा. रिपोर्ट में बोर्ड इस पर भी अपनी राय देगा कि क्या केजरीवाल को अभी इंसुलिन की जरूरत है या नहीं.

कोर्ट ने कहा कि अगर केजरीवाल को सेहत को लेकर भविष्य में किसी स्पेशलिस्ट की जरूरत पड़ती है तो जेल अथॉरिटी मेडिकल बोर्ड से सलाह लेकर इस पर फैसला करेगी. तिहाड़ जेल अथॉरिटी अरविंद केजरीवाल की रिपोर्ट हर पन्द्रह दिन में नियमित अंतराल पर कोर्ट को भेजेगी.

दिल्ली के सीएम ने कोर्ट से की थी ये मांग
अरविंद केजरीवाल ने अपनी याचिका में मांग की थी कि अपनी पत्नी की मौजूदगी में उन्हें डॉक्टर से नियमित 15 मिनट की मुलाकात की इजाजत दी जाए. केजरीवाल ने शुक्रवार को आरोप लगाया था कि जेल में उन्हें इंसुलिन नहीं दिया जा रहा है, जिससे उनके ब्लड शुगर लेवल में “खतरनाक” वृद्धि हो रही है.

तिहाड़ जेल अधीक्षक को लिखा था पत्र
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तिहाड़ जेल अधीक्षक को पत्र लिखकर दावा किया है कि वह अपना शर्करा स्तर बढ़ने के बीच रोजाना इंसुलिन की मांग कर रहे हैं. सोमवार को जेल अधीक्षक को लिखे पत्र में केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि राजनीतिक दबाव में जेल प्रशासन झूठ बोल रहा है.

तिहाड़ प्रशासन ने रविवार को एक बयान में कहा था कि उन्होंने 20 अप्रैल को केजरीवाल की एम्स के वरिष्ठ विशेषज्ञों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की व्यवस्था की थी जिस दौरान ना तो केजरीवाल ने इंसुलिन का मुद्दा उठाया और ना ही डॉक्टरों ने ऐसी कोई सलाह दी.

हत्या की साजिश रचने का लगाया आरोप
आम आदमी पार्टी ने तिहाड़ प्रशासन पर मधुमेह से ग्रस्त केजरीवाल को इंसुलिन नहीं देने का आरोप लगाया है. पार्टी ने उनकी ‘हत्या’ की साजिश रचने का भी आरोप लगाया है. अरविंद केजरीवाल को आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया था.