फेड के फैसले का झटका
सेंसेक्स 964 अंक लुढ़का, बाजार में हाहाकार
गुरुवार का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए भारी साबित हुआ. सेंसेक्स 964 अंक या 1.20% गिरकर 79,218 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 247 अंक या 1.02% टूटकर 23,951 के स्तर पर पहुंच गया. चौतरफा गिरावट के बीच निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ.
अमेरिकी फेड के फैसले ने बढ़ाई चिंता
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कटौती को लेकर निराशाजनक आउटलुक दिया. फेड ने 2025 तक सिर्फ दो बार ब्याज दरों में कमी की संभावना जताई है, जबकि बाजार को चार कटौतियों की उम्मीद थी. इस खबर से वैश्विक बाजारों में भी गिरावट देखी गई.
सेक्टोरल इंडेक्स पर असर
शेयर बाजार के ज्यादातर सेक्टर लाल निशान में बंद हुए. ऑटो, आईटी, फिन सर्विस, रियल एस्टेट, मीडिया और एनर्जी जैसे क्षेत्रों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई. सिर्फ फार्मा और हेल्थकेयर इंडेक्स में हल्की तेजी रही.
निफ्टी मिडकैप 100: 0.28% गिरकर 58,556 पर बंद.
निफ्टी स्मॉलकैप 100: 0.51% टूटकर 19,133 के स्तर पर पहुंचा.
टॉप लूजर्स और गेनर्स
सेंसेक्स के 30 में से 27 शेयरों में गिरावट रही.
टॉप लूजर्स: बजाज फिनसर्व, जेएसडब्लू स्टील, बजाज फाइनेंस, एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज.
टॉप गेनर्स: सन फार्मा, एचयूएल, पावर ग्रिड.
ग्लोबल फैक्टर्स ने डाला दबाव
अमेरिकी फेड के आक्रामक रुख के साथ-साथ जापान के केंद्रीय बैंक का ब्याज दर स्थिर रखने का फैसला भी निवेशकों के लिए चौंकाने वाला रहा. इन ग्लोबल फैक्टर्स के कारण बाजार में भारी बिकवाली का दबाव बना.
जानकारों की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद पर पानी फिरने से बैंकिंग और रियल एस्टेट जैसे सेक्टर्स को बड़ा नुकसान हुआ. विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भी बाजार को कमजोर किया.
निवेशकों के लिए सलाह
बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए जानकारों ने निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी है. उनका कहना है कि लंबी अवधि के लिए निवेश के मौके तलाशें और शॉर्ट टर्म के ट्रेड से बचें.
गौरतलब है कि अमेरिकी फेड के फैसले ने भारतीय शेयर बाजार समेत दुनियाभर के बाजारों को बड़ा झटका दिया है. आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है.