शाजापुर कलेक्टर ऋजु बाफना ने कहा
पशुपालन विभाग पात्र पशुपालकों को पशु केसीसी ऋण दिलाएं
CURATED BY – BHAGWAN DAS BERAGI | CITYCHIEFNEWS
शाजापुर, पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी पात्र पशुपालकों का चयन कर ज्यादा से ज्यादा पशु केसीसी ऋण दिलवाएं। उक्त निर्देश कलेक्टर ऋजु बाफना ने सोमवार को समयसीमा पत्रों एवं विभागीय समन्वय की बैठक में दिए। इस दौरान कलेक्टर बाफना ने जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देश दिए कि वे शासकीय सेवकों को टर्म लोन दें। साथ ही सभी विभाग प्रमुख अपने अधिनस्थों से कहें कि वे आवास, व्यक्तिगत एवं वाहन ऋण की आवश्यकता होने पर जिले की जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित की शाखाओं से टर्म लोन ले सकते हैं। कलेक्टर ने राजस्व अधिकारी को निर्देशित किया कि किसानों के रास्ते के विवादों के प्रकरण त्वरित गति से निराकृत करें। तहसीलदार एवं पटवारी अपने-अपने क्षेत्र में जाकर प्रकरणों का निराकरण करें एवं विवाद की स्थिति निर्मित नहीं होने दें। उन्होंने निर्देश दिए कि विवादित सीमांकन के निराकरण के लिए अनुविभागीय अधिकारी भी मौजूद रहंे। वहीं जिन शासन संधारित मंदिरों में पुजारी नहीं है, वहां पर पुजारियों की नियुक्ति करें। कलेक्टर ने नगरीय निकाय एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को ईकेवायसी के कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि नगरीय क्षेत्र में सभी को अवगत कराएं कि ईकेवायसी होने के उपरांत ही शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने जिले के उर्वरकों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए निजी क्षेत्र में उपलब्ध उर्वरकों के भण्डारण का वेरीफिकेशन कराने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर द्वारा आंगनवाडि़यों में 0 से 06 वर्ष तक के बच्चों के लिए प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ईसीसी) की निगरानीध्निरीक्षण के लिए एक-एक अधिकारी की ड्यूटी लगाकर उन्हें 5-5 आंगनवाड़ी केन्द्र सौंपे गए। कलेक्टर बाफना ने महिला एवं बाल विकास अधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आंगनवाडि़यों का निरीक्षण कर गतिविधियों का आंकलन करें, व्यवस्थाओं को देखें और सुधार के उपाय भी करें। जल निगम के अधिकारी को कलेक्टर ने निर्देश दिए कि गुणवत्तापूर्ण रोड रेस्टोरेशन का कार्य कराएं। सड़क निर्माण से संबंधित विभाग रोड रेस्टोरेशन का कार्य गुणवत्तापूर्ण हुआ है या नहीं, इसकी रिपोर्ट दें। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ग्रामों की नलजल योजनाओं का ग्राम पंचायतों को हस्तांतरण करें। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि मरीजों का स्थानीय चिकित्सालय में ही उपचार करें। कम से कम रेफर प्रकरण हो यह सुनिश्चित करें। मत्स्य विभाग के अधिकारी को खेत तालाब बनाने वाले किसानों को मछली पालन का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। इस मौके पर उन्होंने सीएम डेशबोर्ड में उल्लेखित योजनाओं, लंबित पेंशन प्रकरणों, प्रधानमंत्री शहरी एवं ग्रामीण आवास, जल गंगा संवर्धन अभियान, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के तहत प्राप्त शिकायतों के निराकरण एवं जिला स्तरीय समाधान के जरिये मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त चयनित शिकायतों की समीक्षा की।