ग्लासगो, कॉमनवेल्थ गेम्स के समापन के बाद स्कॉटलैंड में कई खिलाड़ियों के लापता होने की खबरों ने खेल जगत और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। स्कॉटलैंड पुलिस ने पुष्टि की है कि उसे विभिन्न देशों के खिलाड़ियों के गायब होने की शिकायतें मिली हैं। पुलिस ने बताया कि सभी मामलों की जांच की जा रही है और स्थिति का आकलन करने के लिए ब्रिटेन के होम ऑफिस के साथ शुरुआती स्तर पर समन्वय स्थापित किया गया है।

युगांडा के चार मुक्केबाज टीम के साथ नहीं लौटे

युगांडा की खेल वेबसाइट एनबीएस स्पोर्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, देश की बॉक्सिंग टीम के चार खिलाड़ी कथित रूप से स्कॉटलैंड में लापता हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, ये खिलाड़ी मंगलवार को निर्धारित उड़ान से अपनी टीम के साथ स्वदेश नहीं लौटे, जिसके बाद उनके लापता होने की आशंका जताई गई।

पाकिस्तान के मुक्केबाज कुदरतुल्लाह भी गायब

इसी बीच पाकिस्तान से भी एक खिलाड़ी के लापता होने का मामला सामने आया है। पाकिस्तान ओलंपिक एसोसिएशन (पीओए) से जुड़े एक विश्वसनीय सूत्र के अनुसार, मुक्केबाज कुदरतुल्लाह अपना मुकाबला समाप्त होने के बाद टीम होटल से कथित तौर पर गायब हो गए। बताया गया कि उनका पासपोर्ट टीम मैनेजर के पास सुरक्षित था, इसके बावजूद वह होटल छोड़ने में सफल रहे। हालांकि, पाकिस्तान बॉक्सिंग फेडरेशन (पीबीएफ) ने अब तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

स्कॉटलैंड पुलिस ने जांच की पुष्टि की

पुलिस स्कॉटलैंड के प्रवक्ता ने कहा कि कई खिलाड़ियों के लापता होने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक मामले की परिस्थितियों की जांच की जा रही है और ब्रिटेन के होम ऑफिस के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

पाकिस्तानी बॉक्सिंग टीम से जुड़े ऐसे मामले पहले भी सामने आए

पाकिस्तान बॉक्सिंग फेडरेशन के लिए इस तरह की घटनाएं नई नहीं हैं। इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के दौरान पाकिस्तानी खिलाड़ी टीम से अलग होकर लापता हो चुके हैं।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 (बर्मिंघम): मुक्केबाज सुलेमान बलोच और नजीरुल्लाह खान टीम से अलग होकर गायब हो गए थे। उस समय भी उनके पासपोर्ट अधिकारियों के पास होने की बात सामने आई थी।
विश्व ओलंपिक क्वालिफायर 2024 (इटली): एशियाई स्वर्ण पदक विजेता जोहैब रशीद पर अपने रूममेट की विदेशी मुद्रा और कीमती सामान चोरी करने के बाद इटली के बुस्टो आर्सिजियो शहर से फरार होने का आरोप लगा था।

पहले भी शरण मांगने के लिए टीम छोड़ चुके हैं खिलाड़ी

कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद खिलाड़ियों के टीम से अलग होने या दूसरे देशों में शरण मांगने के मामले पहले भी दर्ज किए जा चुके हैं। वर्ष 2018 के गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स और 2014 के ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद भी कई खिलाड़ियों ने अपने आधिकारिक दल से अलग होकर शरण लेने का प्रयास किया था।

आयोजन समिति ने एजेंसियों के साथ समन्वय का भरोसा जताया

कॉमनवेल्थ गेम्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी फिल बैटी ने कहा कि ग्लासगो ने 74 देशों के लगभग 3,000 खिलाड़ियों की मेजबानी की है। उन्होंने बताया कि आयोजन समिति पुलिस स्कॉटलैंड, बॉर्डर फोर्स और यूके वीजा एवं इमिग्रेशन विभाग के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है, ताकि सभी खिलाड़ी निर्धारित नियमों के तहत प्रतियोगिता में भाग लें और सुरक्षित रूप से अपने-अपने देशों को लौट सकें।