CURATED BY – VIVEK KUMAR MISHRA | CITYCHIEFNEWS

सतना, महापौर योगेश ताम्रकार अपनी कार्यप्रणाली कार्यशैली शहर के विकास के साथ उनकी लोकप्रियता एवं विकासप्रियता छोटा योगी का रूप लेती नजर आ रही है उमेश गौतम का कहना है जहां बिगत सालों में कितने महापौर आए और गए पर नजीराबाद की रोड नाली तक साफ नहीं करवा पाए थे या यू कहे की स्वच्छता पर ध्यान नहीं दिया गया वहीं नजीराबाद रोड में सौंदर्यीकरण कर बिल्डिंग को तोड़कर रोड बनाई गई जो सतना शहर को सुंदरता साप्रतीत होता दिख रहा है जिन्हें काम नहीं दिखता वह एक बार जा कर देख सकते है उस रोड का अवलोकन कर सकते हैं वहीं मुख्तरगंज रोड पर शंकर जी का मंदिर था ब्रजपुल के नीचे से जब मुख्तयारगंज की  तरफ जाते थे तो निश्चित तौर दुर्घटनाओं के लोग शिकार होते थे वहीं विकास की दशा को दिखलाते हुए महापौर ने सबसे समन्वय बिठाकर वेंकटेश मंदिर के अंदर स्थापित करके यह साबित किया कि नगर की सुंदरता पर विशेष नजर रखी जा रही हैं वही अतिक्रमण में पन्नीलाल चौक में रूई मंडी जो आए दिन झगड़ा करते रहते थे पर कोई उसे हटा नहीं पाए थे वह बल पूर्वक विश्वास करके वहां से नहीं हटते थे उसे मंडी को भी महापौर सतना ने हटा दिया और ऐसा कार्य किया जो लोग सोच नहीं सकते लोगों का मानना है स्वच्छता को मद्देनजर रखते हुए पन्नीलाल चौक में चारों तरफ सौन्दरीकरण हो स्थापित देवी देवताओं के जो स्थान है उन्हें भी स्थानांतरित किया जा सकता है वहीं संतोषीमाता में मंदिर एक बहुत बेहतर सुंदरता का परिचायक वही नगरवन बनाया गया है यह देखा जाए तो सतना शहर सुंदरता के रूप में निखार दे रहा है  और योगेश ताम्रकार कड़े निर्णय के लिए जाने जाते हैं उन्होंने जो निर्णय ले लिया उससे उसे हटाना उनकी बस की बात नहीं है इससे बहुत सारे वर्ग और समुदाय के लोग उनसे नाराज भी रहने लगे सूत्रों की माने तो सतना में छोटा योगी की शुरुआत के रूप में दिखने लगा है जो विकास क्षेत्र पर अग्रसर है वहीं सूत्रों से लोगों ने योगेश ताम्रकार को छोटा योग कहना शुरू कर दिया है क्योंकि महापौर शहर के स्वच्छता और विकसित संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं