CURATED BY – SHARAD DHANESHWAR | CITYCHIEFNEWS

लालबर्रा | बालाघाट, सरपंच साथियों के साथ में मिलकर समस्या को लेकर हम पुरे नोट्स बनाकर अपने मंत्री जी व मुख्यमंत्री जी के सामने पेश करने जा रहे हैं उक्त बातें जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सम्राट अशोक सिंह सरस्वार ने सरपंच संघ कि महत्वपूर्ण बैठक में कहीं वहीं उक्त आयोजित बैठक जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सम्राट अशोक सिंह सरस्वार,वैभव बिसेन जिला अध्यक्ष सरपंच संघ, सहित समस्त ब्लाक अध्यक्ष सरपंच कि उपस्थिति में यह बैठक 20 जुलाई दिन शनिवार को जिला पंचायत सभागार में प्रारंभ हुई जिसमें जिला सरपंच संघ अध्यक्ष श्री वैभव बिसेन जी के आह्वान पर जिले के सभी सरपंच साथी एकजुट हुए तथा अपनी एकता का परिचय देते सरकार ने जो मनरेगा संबंधित जो आदेश 1 जुलाई को पारित किया है उस आदेश को तत्काल वापस लेने व अन्य और भी मांगों को लेकर सरकार पर मुखर नजर आये वहीं सरपंच संघ को जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सम्राट अशोक सिंह सरस्वार का भी समर्थन मिला।

ज्ञात हो कि 1 जुलाई 2024 को म प्र सरकार ने जो मनरेगा संबंधित आदेश पारित किया है तब ही से सरपंच संघ जारी आदेश के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहा है जिसकी शुरुआत लालबर्रा से हुई तथा 20 जुलाई 2024 को जिला सरपंच संघ कि महत्वपूर्ण बैठक जिला पंचायत के सभागार में आहुत हुई जिसमें जिले भर से सरपंच साथी उपस्थित होते हुए अपनी एकता का परिचय दिये।
एक दर्जन से अधिक मांगों को लेकर एकजुट हुए सरपंच ज्ञात हो कि सरपंच संघ कि एक दर्जन से भी अधिक मांगे हैं जिसको लेकर जिला पंचायत सभागार में सभी सरपंच साथी एकजुट हुए तथा मांगों को लेकर अपनी अपनी बातें रखीं गई जिसमें मध्य प्रदेश पंचायती राज ग्राम स्वराज 1993- 94 को पुनः पुन: लागू किया जाए एवं सरपंचों को 1993-94 के पूरे अधिकार दिए जाए, ग्राम पंचायतों मे रोजगार सहायक/सचिव स्थांनतरण तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए,मनरेगा योजना अंतर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत में जितने भी ग्राम आते हैं उस हिसाब से प्रत्येक ग्राम में 2- 2 सुदूर सड़क पंचायत को पावर दिया जाए एवं प्रत्येक ग्राम में दो-दो सड़क खोली जाए जिससे किसान की सड़क बन सके, सरपंचों का मानदेय 4250 से बढ़ाकर 20,000 किया जाए, टाइट अनटाइट व्यवस्था  खत्म की जाए ग्राम सभा के प्रस्ताव अनुरूप राशि पंचायत में लगे।

प्रत्येक ग्राम पंचायत में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर रखा है किसी भी शासकीय बिल्डिंग एवं अन्य शासकीय निर्माण कार्य करने में कठिनाई आती है 15 दिन के अंदर संबंधित विभाग अतिक्रमण हटाए,ग्राम पंचायत के समस्त निर्माण कार्य एस.ओ. आर.दर बढ़ाकर पी.डब्ल्यू.डी.के मान से किया जाए,मुख्यमंत्री लाडली बहना से वंचित सभी महिलाओं के लिए पोर्टल दोबारा खोला जाए एवं सरपंच बहनों को लाडली बहनों का लाभ दिया जाए,शासन द्वारा चलाई गई योजना एन.एम.एस. मोबाइल मानिटरिंग सिस्टम यानी मौके पर जाकर मजदूरों के हाजरी एवं फोटो खींचकर अपलोड किया जाता है ऐसी स्थिति में नेटवर्क न होने के कारण या एप खुलने की वजह से मस्टर जीरो हो जाता है मजदूर कार्य करते हुए भी गैर हाजिर हो जाता है मोबाइल मानटरिंग सिस्टम हटाया जाए, ग्राम पंचायत के कर्मचारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आशा कार्यकर्ता रोजगार सहायक एवं सचिव इनके मानदेय पर सरपंच के हस्ताक्षर से निकासी हो,खेत सड़क सुदूर सड़क की स्वीकृति दी जाए एवं उनमें लगने वाले मैटेरियल जैसे मिट्टी वजरा को पंचायत से नि:शुल्क को उठाने की स्वीकृति दी जावे,सरपंच को 30 परसेंट स्वक्षा निधि दी जाए जिसमें जरूरतमंदों को ग्राम सभा के प्रस्ताव द्वारा दी जा सके, आवंटित कोटा में से 20% आवास ग्राम सभा की प्रस्ताव अनुसार अती जरूर बेसहारा गरीबों को दी जाए,जैसे कि प्रधानमंत्री सड़क एवं पी.डबल्यू.डी सड़क के लिए 5 साल में दोबारा कार्य कराया जाता है लेकिन खेत सड़क में नहीं बल्कि यह तो कच्चा कार्य है इसे तो हर 2 साल में नगद राशि मरम्मत के लिए दी जाए गांव की मुख्य समस्या है सहित अन्य मांगे शामिल रही है।
उक्त सभी मांगों को मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया तथा मुख्यमंत्री आवास का घेराव कि बात भी कही गई है।

वहीं सरपंच संघ कि सभी मांगों को समर्थन करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राट सरस्वार ने कहा कि 23,24 व 25 को प्रदेश स्तरीय सम्मेलन भोपाल में हमारे आदरणीय मुख्यमंत्री जी व प्रहलाद सिंह पटेल जी के माध्यम से होने जा रहा है जिसमें पूरे प्रदेश में क्या समस्या है हर किसी को तो इसके पहले हम सम्मेलन में उसको लेकर हम पूरे नोट्स बनाके अपने मंत्री जी एवं मुख्यमंत्री जी के सामने पेश करने जा रहे हैं तो उसी में आज जो भी समस्या इन लोगों कि है उनको सरकार के सामने रखेंगे ताकि इनकी जो समस्या है उसको दूर कर सके वही प्रमुख समस्या तो जो इन्होंने जो मनरेगा में जो चेंज किया है इसमें एक स्वतंत्रता होती थी और दो टाईप का जो एक लेबर और मटेरियल से संबंधित पेमेंट होता था उसको समाप्त किया जा रहा है अपनी मनमानी के हिसाब से जो कामों को रोका जा रहा है उसको लेकर सरपंच भाई काफी चिंतित है क्योंकि मनरेगा के अलावा हमारे सरपंच भाइयों के पास में ऐसा कोई भी माध्यम नहीं है जिसके माध्यम से काम करा सके क्योंकि 15 वें वित्त में बहुत ही थोड़ा सा पैसा आता है जिसमें कोई काम नहीं करवाया जा सकता तो उसी सब चीजों को लेकर चिंतित है हमारे भाईयों के साथ बैठे हैं और आगे क्या रणनीति बनाते हैं उसे पर विचार कर रहे हैं मैं जाके इनकी बातों को पाईंट टू पाईंट बनाके पर्सनली मैं मुख्यमंत्री जी से मिलूंगा।

वहीं सरपंच संघ जिला अध्यक्ष वैभव बिसेन ने चर्चा में बताया कि 1 जुलाई को मनरेगा का आदेश पारित किया गया है केवल यहां मजदूरी के काम है मटेरियल संबंधी कोई पक्के काम नहीं है उसमें पूरा सरपंच मध्य प्रदेश का सरपंच भयभीत हो गया है काम कैसे करें विचार मंथन चल रहा है आज जिले के सरपंच भाई यहां पर एकत्रित हुए लगभग सभी सरपंच आए हैं आज की बैठक जिला पंचायत अध्यक्ष की प्रमुख अतिथि में आयोजित करवाई थी और बैठक में यह तय किया गया है कि 23 तारीख से गवर्नमेंट का जो ट्रेनिंग कार्यक्रम चल रहा है भोपाल में 23,24 व 25 को तीन दिन ट्रेनिंग होना है 23 को सरपंच कि 24 को जनपद सदस्य व जिला पंचायत सदस्यों कि जिसमें जिला पंचायत सदस्य भी शामिल हो रहे हैं बालाघाट से तो इन सारे मुद्दों को सरकार के समक्ष रखेंगे और साथ में 23 तारीख को राष्ट्रीय सरपंच संघ व अखिल भारतीय पंचायत परिषद का संयुक्त मोर्चे कार्यक्रम और धरना प्रदर्शन मुख्यमंत्री आवास का घेराव उसमें यहां से हमारा सरपंच संघ पूरी ताकत के साथ जा रहा है और जो आदेश हुआ है इसका हम पूरा विरोध करेंगे और इसको हम बदलवाकर रहेंगे ऐसे में हम काम ही नहीं कर पाएंगे, मजदूरी ही नहीं मिलेगी तो हमारा मजदूर जाएगा कहां क्योंकि यह हमारा ट्राईवर एरिया है बैहर, बिरसा व परसवाड़ा हो गया 100 परसेंट मनरेगा पर निर्भर है मनरेगा योजना में इतनी भारी कटौती हो गई तो हम काम कैसे कर पाएंगे और हमारे बाकी के जो बचे हुए ब्लॉक हैं। वहां पर भी मनरेगा का ही काम होता है इसके अलावा और भी अन्य मांगे हैं प्रधानमंत्री आवास की मांग है प्रधानमंत्री आवास पिछले 4 साल से एक भी मकान है जो नये चालू नहीं हुए हैं जो सूची आने की है वह सूची नहीं आई है सरकार ने बोली कि लाडली बहना आवास योजना लायेंगे किंतु लाडली बहना की सूची आज तक प्रकाशित नहीं हुई है यदि हमारी मांगे पूरी नहीं हुई तो हम लोग पंचायत के सभी काम बंद कर देंगे सहित अन्य और भी बातें कही गई है।