सामाजिक एकता व समरसता के वाहक थे संत शिरोमणि श्री रविदास जी महाराज - श्री यादव
संत रविदास जयंती पर भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा ने आयोजन कर मनाया
धार, संत शिरोमणि श्री रविदास जी महाराज के प्रागट्य दिवस के परम पवित्र मौके पर भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा द्वारा भाजपा वरिष्ठ नेता डॉ शरद विजयवर्गीय ,कन्हैयालाल यादव,भाजपा मंडल अध्यक्ष विपिन राठौर,भाजपा जिला मीडिया प्रभारी संजय शर्मा,मोर्चा जिला अध्यक्ष पूनमचंद फकीरा की गरिमामई उपस्थिति भाजपा के पदाधिकारी उपस्थित ने संत श्री रविदास जी के चित्र पर माल्यार्पण कर आरती की गई । कार्यक्रम का संचालन भाजपा मंडल महामंत्री राजेश डाबी ने किया। भाजपा नेता कन्हैयालाल यादव ने कहा कि संत रविदास जी ने समाज में व्याप्त समस्याओं,अलगाव के विरुद्ध कार्य किया और लोगों को एकत्व वा धर्म से जोड़ा।संत श्री रविदास जी महाराज बचपन से ही साधु संतो की संगति में पर्याप्त व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया। वे जूते बनाने का काम किया करते थे और अपना काम पूरी लगन तथा परिश्रम से करते थे और समय से काम को पूरा करने पर विशेष ध्यान देते थे। संत श्री रामानन्द जी महाराज के शिष्य बनकर उन्होंने आध्यात्मिक ज्ञान अर्जित किया।
डॉ शरद विजयवर्गीय ने कहा कि संत रविदास उनकी समयानुपालन की प्रवृत्ती तथा मधुर व्यवहार के कारण उनके सम्पर्क में आने वाले लोग उनसे बहुत प्रसन्न रहते थे। प्रारम्भ से ही संत श्री रविदास जी महाराज बहुत परोपकारी तथा दयालू थे और दूसरों की सहायता करना उनका स्वभाव बन गया था। साधु-संतों की सहायता करने में उनको विशेष आनंद मिलता था। वे उन्हें प्रायः मूल्य लिए बिना जूते भेंट कर दिया करते थे। संत श्री रविदास जी महाराज भारत के उन चुनिंदा महापुरुषों में से एक हैं जिन्होंने अपने वचनों से एकता और समरसता पर ज़ोर दिया। असमानता की भावना और समाज में मुश्किल परिस्थितियों में अपने अनुयायियों को और समाज बंधुओं को हिन्दू बनाए रखना उनके लिए बड़ी चुनौती थी। वह भारत में इस्लाम के आक्रमण का काल था साथ ही हिन्दू समाज को प्रताड़ित करने का भी वह कालखंड था ऐसे समय में महान संत श्री रामानन्द जी महाराज की प्रेरणा व आशीर्वाद प्राप्त कर समाज में समरसता की बहार लाने का काम संत श्री रविदास जी महाराज ने बख़ूबी किया।
मंडल अध्यक्ष राठौर ने कहा कि उन्होंने समाज में फैली कुरीतियो के अंत के लिए जीवन भर काम किया। संत श्री रविदास जी महाराज की अनूप महिमा को देख बड़ी संख्या में लोग आपकी शरण में आकर भक्ति मार्ग से जुड़े। संत श्री रविदास जी महाराज के भक्ति मार्ग पर आगे बढ़ते हुए मीराबाई ने आपको अपना गुरु मानकर अपनी आध्यात्मिक उन्नति की।भगवान श्री राम जी और श्री कृष्ण जी की भक्ति में लीन संत श्री रविदास जी महाराज धीरे धीरे लोगों की भलाई करते गए और समाज को एकत्व के धागे में फ़िरोते गए। आपको विद्वानों की संगत में रहने एवं संतो के सानिध्य में बड़ा आनंद आता था। परेशान व्यक्ति ने जब पूरी कहानी संत श्री रविदास जी महाराज को बताई तो उन्होंने नाराज़ होने के बजाय पूरे मन और शक्ति से मां गंगा को याद किया, अपनी कठौती में हाथ डाला और एक कंगन उसमें से नकालकर उस व्यक्ति को दे दिया और कहा कि मन चंगा तो कठौती में गंगा संत श्री रविदास जी महाराज का विश्वास था कि ईश्वर की भक्ति के लिए सदाचार, परहित भावना तथा सदव्यवहार का पालन करना अत्यावश्यक है। अभिमान त्याग कर दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार करने और विनम्रता तथा शिष्टता के गुणों का विकास करने पर आपने बहुत बल दिया।
संत श्री रविदास जी जयंती पर भाजपा वरिष्ठ नेता कन्हैयालाल यादव, डॉ शरद विजयवर्गीय,भाजपा मंडल अध्यक्ष विपिन राठौर, भाजपा जिला मीडिया प्रभारी संजय शर्मा,भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा जिला अध्यक्ष पूनमचंद फकीरा, महेश बोड़ाने ,बादल मालवीय,मुरलीदास बैरागी इंदर भाई दुलीचंद भाई जमनाबाई कलसाडा संगीता बाई मतलबपूरा हरिओम मलैया राजेश कलसाड़ियां सुरेश फकीरा सुमित परमार राधेश्याम चंगेचा मुकेश परमार कैलाश कश्यप विकी परमार अनिल परमार अमन फकीरा गौरव फकीरा गोकुल फकीरा उपस्थित रहे।